अमेरिकी टैरिफ की चुनौतियों के बीच केंद्रीय बजट ने लेदर इंडस्ट्री को आंशिक राहत दी है। उद्योग का मानना है कि एमएसएमई, कस्टम नियमों में सरलीकरण, डिजाइन और विदेशी निवेश से जुड़े फैसलों से यूपी के लेदर सेक्टर को मजबूती मिलेगी, हालांकि कुछ अहम मांगें अब भी लंबित हैं। अनुमान है कि इन प्रावधानों से अगले तीन साल में यूपी के लेदर बाजार में करीब 5000 करोड़ रुपये का उछाल आएगा और लगभग 3000 करोड़ रुपये का नया विदेशी निवेश आएगा।
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