केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने की घोषणा की है। इस फैसले से उन छात्राओं को लाभ मिलेगा अन्य शहर से आगरा विश्वविद्यालय में पढ़ने आती हैं। वहीं कुछ छात्राएं सुरक्षा और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण घर के बाहर प्रशिक्षण लेने में कतराती हैं। उनके लिए यह फायदेमंद साबित होगा।
आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, एसएन मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग व प्रोफेशनल संस्थानों में पढ़ने वाली बड़ी संख्या में छात्राएं या तो महंगे निजी हॉस्टलों में रहने को मजबूर हैं या फिर प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पढ़ाई करने आती हैं। ऐसे में सरकारी गर्ल्स हॉस्टल बनने से सुरक्षा, सुविधा के साथ पढ़ाई की बाधा दूर होगी।
लड़कियों के लिए तोहफा
डीईआई की परास्नातक छात्रा नंदिनी जादौन ने बताया कि निजी हॉस्टल में असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है। सरकारी गर्ल्स हॉस्टल बनने से सुरक्षा के साथ आर्थिक बचत होगी। सामान्य परिवार की लड़कियों के लिए यह तोहफे से कम नहीं है।
चिंतामुक्त होंगे परिजन
डॉ. एमपीएस कॉलेज की स्नातक छात्रा ट्विंकल ठाकुर का कहना है कि सरकारी हॉस्टल न होने के कारण रोज लंबा सफर तय कर कॉलेज आना पड़ता है जिससे न सिर्फ समय बर्बाद होता है बल्कि पढ़ाई भी प्रभावित होती है। सरकारी हॉस्टल से पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकेंगे और अभिभावक भी निश्चिंत रहेंगे।
