कासगंज जिले से जाहरवीर गोगाजी महाराज की जात करने के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली रविवार की रात बुलंदशहर जनपद के खुर्जा में हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में पांच गांव के 11 लोगों की जान चली गई। वहीं, 52 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतकों के शव उनके गांवों में पहुंचे तो मानो परिजन और संबंधियों की आंखों से आसुंओं का सैलाब बह निकला। असहनीय दुख से कराहते ग्रामीणों के गले से चीत्कार का करुण क्रंदन फूट पड़ा। भीषण हादसे में अपनों को गंवाने वाले गमगीन परिवारों को ढांढस बंधाना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। एक पल में घर के सदस्यों का साथ छूटने की वेदना झेल रहे परिजन भी नहीं समझ पाए कि अचानक यह सब क्या हो गया।

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गांवों में शव पहुंचते ही मचा कोहराम।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में कुल 67 श्रद्धालु सवार होकर राजस्थान के हनुमान गढ़ स्थित जाहरवीर गोगाजी महाराज की जात करने के लिए गए थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली रफातपुर गांव की थी इसमें गांव के ही सबसे अधिक 55 श्रद्धालु सवार थे। इनमें पुरुषों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इनमें पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। एक परिवार के मां-बेटे थे।

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सड़क हादसे से कासगंज के गांव में पसरा मातम।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भैंसोरा गांव के दो, बसंतनगर से तीन, मिलकिनिया से तीन और नगला बिहारी से चार श्रद्धालु गए थे। नगला विहारी के एक, बसंतनगर के दो, मिलकिनिया के एक और भैंसोरा के एक श्रद्धालु की मौत हो गई। कुल दस श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे में घायल हुए 52 श्रद्धालुओं का उपचार बुलंदशहर, अलीगढ़ और आसपास के चिकित्सालयों में चल रहा है। पांच अन्य श्रद्धालु मामूली रूप से चुटैल हुए।

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बुलंदशहर सड़क हादसा।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात में ही हादसे की जानकारी गांव के लोगों को मिल गई। जैसे ही इस भीषण घटना की जानकारी गांवों में पहुंची वहां चीख-पुकार मच गई। रोत-बिलखते परिजन के चीत्कार से रात का सन्नाटा टूट गया। अपनों को खोने के दुख से कराहते परिजन का करुण क्रंदन सुनकर ग्रामीण तत्काल उनके घरों पर पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश की। हालांकि दुख की इस घड़ी में उन्हें धैर्य बंधाना दुरूह साबित हो रहा था।

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गांवों में नहीं सुलगे चूल्हे।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह पौ फटने पर पूरे गांव सहित आसपास के गांव के लोगों को भी हादसे की जानकारी हुई तो लोग पीड़ित परिवारों के यहां पहुंचने लगे। सोमवार को दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचे तो चीत्कार कोहराम में बदल गया। बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम गांव में एकत्रित था। रफातपुर गांव के पांच लोगों की मौत हो गई। गांव की अलग-अलग गलियों में भीरा संख्या में भीड़ जुटी थी।