
agra police
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र के बहरामपुर गांव में खेत में जबरन लगाए गए तारों को हटाने पर दो दलित मजदूरों को बिजली के खंभे से बांधकर पिटाई लगाई गई। दो दिन बाद तक पीड़ित थाने के चक्कर काटते रहे। अब पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध जानलेवा हमले और एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज किया है। हमलावरों की तलाश की जा रही है।
बल्केश्वर, आगरा निवासी अरविंद पाल सिंह और बहरामपुर, खंदौली निवासी अरविंद सिकरवार के खेत बहरामपुर में अगल-बगल स्थित हैं। खेत के कुछ हिस्से का विवाद काफी समय से चल रहा है। कुछ समय पूर्व अरविंद सिकरवार ने विवादित जमीन पर तार लगाकर खंभे लगा दिए थे। 12 मई अरविंद पाल ने खेत पर मजदूरी करने वाले मुलायम सिंह निवासी राधा नगर, बल्केश्वर को बहरामपुर खेत पर भेजा था। मुलायम सिंह और उनके साथी मंगेश सिंह ने विवादित जमीन से तार खोल दिए।
इसकी जानकारी होने पर अरविंद सिकरवार अपने पुत्रों दीपक और रूपेश के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि अरविंद सिकरवार और उसके बेटों ने मुलायम सिंह और मंगेश पर लाडी-डंडों से हमला कर दिया। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए बिजली के खंभे से बांधकर दोनों को बुरी तरह पीटा। चीखपुकार होने पर आसपास के ग्रामीणों ने मान-मनुहार करके दोनों श्रमिकों को किसी तरह मुक्त करवाया। दो दिन तक पुलिस पीड़ितों को टहलाती रही।
सोमवार की रात को मुलायम सिंह की तहरीर पर पिता-पुत्रों के विरुद्ध जानलेवा हमले, एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
