केस एक
हरियाणा की मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड एमजीसीएम ने झांसी, ललितपुर में शाखाएं खोलीं। कंपनी ने पांच साल में पैसा दोगुना करने का प्रलोभन देकर रकम जमा करा ली। वर्ष 2022 तक कंपनी ने कुछ लोगों को भुगतान भी किया। विश्वास होने पर बड़ी संख्या में गांव के लोग जुड़े। जनवरी महीने में इसके एजेंट गायब हो गए। कंपनी के दफ्तर में भी ताला लग गया। पीड़ितों ने बबीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
केस दो
जीवाई गोल्ड चिटफंड कंपनी ने भी झांसी समेत ग्वालियर, ललितपुर, बांदा, महोबा समेत अन्य स्थानों में दफ्तर खोले। कंपनी ने अपनी अचल संपत्तियां दिखाकर लोगों से मोटी रकम जमा करा ली, लेकिन जब पैसे वापस करने की बारी आई तब शाखाओं पर ताले बंद करके कर्ताधर्ता भाग खड़े हुए। बड़ागांव गेट बाहर निवासी राजेश बुधौलिया ने कोतवाली में कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभी तक कंपनी के खाते में लोगों के पैसे फंसे हैं। मजबूरन लोगों को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
केस तीन
ईशान निधि लिमिटेड ने भी पैसा दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की चपत लगा दी। कंपनी के खिलाफ झांसी, ललितपुर आदि जगहों पर धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। भुक्तभोगी नईम खान निवासी बबीना के मुताबिक लोगों को पांच साल में पैसा दोगुना करने का लालच दिया गया था। गांव का एजेंट होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने पैसा जमा कर दिया, लेकिन कंपनी दफ्तर बंद करके भाग गई। पुलिस भी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उनकी तलाश कर रही है।
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चिटफंड कंपनियों के झांसे में बुंदेले करोड़ों रुपये गवां चुके हैं। सबसे अधिक पैसा सहारा, पल्स इंडिया, पिनकोन ग्रुप, जीवाई गोल्ड जैसी कंपनियों के पास जमा है। बुंदेलखंड में पुलिस ने 31 विभिन्न कंपनियों पर कुल 42 मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज किए, लेकिन जमाकर्ताओं का पैसा अभी तक वापस नहीं मिला।
पुलिस के आंकड़े एवं चिटफंड कंपनियों के जमाकर्ताओं की मानें तो बुंदेलखंड में पिछले पांच साल के दौरान खाते में करीब 3000 करोड़ रुपये जमा हुए, लेकिन 50 फीसदी धनराशि भी लौटकर जमाकर्ताओं तक नहीं पहुंची। सबसे अधिक रकम सहारा के पास जमा है। इनके पास जमाकर्ताओं के करीब 700 करोड़ रुपये जमा हैं। कई जमाकर्ताओं ने 20 साल पहले पैसा जमा किया, लेकिन उनको मूलधन भी नहीं मिला।
इसी तरह जीसीए चिटफंड, इजीव चिटफंड लिमिटेड, पल्स इंडिया लिमिटेड, पिनकोन ग्रुप, जीसीए, जीवाई गोल्ड एवं चिटफंड कंपनी, आरआरएम ग्रुप जैसी कंपनियों ने भी झांसी, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, उरई, ग्वालियर तक में अपना जाल फैला रखा है। कुछ समय में पैसा दोगुना करने के लालच में करोड़ों रुपये लोगों ने गंवा दिए। एसपी सिटी एवं एंटी फ्राड सेल प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है जिन कंपनियों के खिलाफ शिकायतें मिली, पुलिस उनकी जांच कर रही है। लोगों को निवेश करने से पहले विशेषज्ञों से भी सलाह लेनी चाहिए। उसके बाद ही अपना पैसा कहीं लगाना चाहिए।
इनसेट
सहारा इंडिया के जमाकर्ता मायूस
सबसे अधिक बकाया सहारा इंडिया परिवार पर है। बुंदेलखंड के करीब 50 हजार लोगों का पैसा यहां जमा है। जमाकर्ताओं ने बकायदा अलग से संगठन भी बना लिया है। अध्यक्ष संतोष गौर का दावा है कि सहारा इंडिया परिवार पर करीब 10 अरब रुपये की देनदारी यहां के लोगों की है, लेकिन अभी तक जमाकर्ताओं को राहत नहीं मिली है। जिन लोगों ने पार्टल पर पंजीकरण कराया, उसकी भी जानकारी नहीं हुई।
