अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दिव्यांगों के लिए झांसी में बुंदेलखंड का पहला समेकित विद्यालय खुलने जा रहा है। इसमें कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। विद्यालय का निर्माण तीन एकड़ के विस्तृत क्षेत्रफल में किया जाएगा। दिव्यांग कल्याण विभाग को इसके लिए जमीन मिल गई है।
दिव्यांगों को सुगमता से आम बच्चों की तरह शिक्षा हासिल हो सके, इसके लिए समेकित विद्यालय खुलने जा रहा है। इसमें 600 बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में 50 बच्चों को शिक्षा हासिल करने का मौका दिया जाएगा। विद्यालय में उनके रहने और खाने का भी प्रबंध किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय परिसर में छात्रावास बनाए जाएंगे। विद्यालय का भवन दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की तो तैनाती की ही जाएगी, साथ ही विशेष उपकरणों की भी यहां व्यवस्था रहेगी। सभी तरह के दिव्यांग विद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा हासिल कर सकेंगे। इसके लिए नगर निगम की ओर से हंसारी में तीन एकड़ जमीन का आवंटन किया गया है।
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पुरानी तहसील में बनेगा डीडीआरसी
दिव्यांग कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगों के लिए पुरानी तहसील परिसर में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) बनाया जा रहा है। इसमें दिव्यांगों को कई प्रकार की सेवाएं ओपीडी के माध्यम से दी जाएंगी। केंद्र पर स्पीच थैरेपी की व्यवस्था रहेगी। श्रवण बाधितों के लिए ऑडियोमेट्री की सेवा दी जाएगी। इसके अलावा, मनोचिकित्सकीय सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। डीडीआरसी में आठ प्रकार की सेवाएं दिव्यांगों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए पुराने तहसील परिसर में विभाग के हॉल और कक्ष की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
समेकित विद्यालय की स्थापना के लिए नगर निगम में भूमि आवंटन का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इसकी औपचारिकताएं पूरी होने के साथ ही निदेशालय स्तर पर विद्यालय निर्माण की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह बुंदेलखंड का पहला 12वीं तक का समेकित विद्यालय होगा। – केपी सिंह, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी
