आगरा। राजस्थान सीमा से सटे फतेहपुर सीकरी और खेरागढ़ में अरावली के पहाड़ों पर खनन की वजह से संकट आ गया है। सीकरी में स्मारकों और रॉक पेंटिंग पर अस्तित्व का खतरा बना हुआ है। वहीं खेरागढ़ में पहाड़ खत्म होते जा रहे हैं। हर बार राजस्थान सीमा की मुडि्डयां 50 फीट से आगे बढ़ाकर लगा दी जा रही है।

दरअसल, राजस्थान में खनन के पट्टे जारी किए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में फतेहपुर सीकरी स्मारकों के 10 किलोमीटर दायरे में खनन पर 21 साल पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। राजस्थान की ओर से खनन की अनुमति होने के कारण पहाड़ों की खुदाई मशीनों से की जा रही है। सीमा विवाद के बीच हर बार मुडि्डयां 50 फीट आगे लगा दी जाती हैं। यह क्रम लगातार चल रहा है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने राजस्व टीम से नापतोल कराई है, लेकिन सीमा पर विवाद खनन के कारण बना रहा।

चार मशीनें तोड़ रहीं पहाड़

राजस्थान सीमा पर कुल्हाड़ा गांव में करीब चार क्रशर मशीनें लगी हैं, जो बड़े पत्थरों को तोड़कर गिट्टी बना रहे हैं। जमीन में भी सैकड़ों फीट गहराई से पत्थर निकाला जा रहा है। यहीं पर मुडि्डयों को उखाड़ कर 50 फीट आगे यूपी सीमा में लगाया गया है।

रॉक पेंटिंग बचाने की गुहार

– अरावली की पहाड़ियों में ऐतिहासिक रॉक पेंटिंग बनी हुई हैं। यह हमारी सभ्यता से जुड़ा मामला है। खनन से खत्म होने से पहले इन्हें एएसआई को तत्काल संरक्षित करना चाहिए।

– शमसुद्दीन अध्यक्ष आगरा अप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन

– रॉक पेंटिंग और इन पहाड़ियों में बने स्मारक अनूठे हैं। यह बेहद शानदार पर्यटन स्थल साबित हो सकते हैं, जो पर्यटकों को रोमांच का अनुभव भी कराएंगे। इन्हें संरक्षित करने के साथ सरकार को यहां के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए।

– संदीप अरोड़ा, अध्यक्ष, आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन



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