
कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह
मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवा को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मंडल स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी की बैठक में समीक्षा की। साफ कहा कि खाद बेचते समय अन्य उर्वरक खरीदने का दबाव बनाने वालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं। किसान संगठनों के पदाधिकारियों से कहा कि डीएपी, यूरिया की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सभी किसानों को आवश्यकता के अनुसार समय से खाद मिलेगी। किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता पर निदान होगा।
उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों, प्राइवेट उर्वरक विक्रेताओं के यहां उपलब्ध डीएपी में कोई अंतर नहीं है। किसान सहकारी समितियों के साथ प्राइवेट दुकानों से भी डीएपी खरीदें। वहां पर भी निर्धारित मूल्य 1350 रुपये पर डीएपी उपलब्ध है। यदि किसी दुकानदार द्वारा निर्धारित दर से अधिक धनराशि की मांग की जाए या डीएपी के साथ अन्य उर्वरक खरीदने को बाध्य किया जाए तो शिकायत जरूर करें। दुकानदार का लाइसेंस निरस्त होगा।
उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेष किसी भी दशा में खेतों में न जलाएं। जैविक खेती को बढ़ावा दें। तिलहनी, दलहनी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाकर फसलचक्र अपनाएं। खेतों की मृदा के लिए सजग रहें। अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के फलस्वरूप भूमि की उर्वरा शक्ति में निरंतर कमी आ रही है।
किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि धान की उपज का वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। मंडी में धान प्रजाति 1509, 1692 को 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र, सहित किसान संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
