संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 05 Aug 2024 11:22 PM IST

मैनपुरी। थाना कुरावली क्षेत्र के मोहल्ला पठानान में जावेद के यहां कई वर्ष से रह रहे कासगंज निवासी युवक हर्षित पर आरोपी धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे थे। मां की मृत्यु होने पर भी आरोपियों ने उसे घर नहीं जाने दिया था। रविवार को हर्षित का शव दिवरई स्थित तालाब के पास कमरे में फंदे पर लटका मिला था। पिता ने आरोपी जावेद सहित तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पैनल से पोस्टमार्टम कराया लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
कासगंज के राजीव नगर निवासी। हर्षित गुप्ता (25) थाना क्षेत्र के मोहल्ला पठानान निवासी जावेद की दिवरई गेट स्थित खाद की दुकान में करीब 8 वर्ष से काम कर रहा था। जावेद के गांव दिवरई में बने एक कमरे में रह रहा था। 16 जुलाई से हर्षित से बात न होने पर रविवार को पिता आलोक ने कुरावली थाने में पुत्र को गायब करने की तहरीर दी थी। इसके बाद पुलिस दिवरई गांव स्थित कमरे पर पहुंची तो वहां हर्षित का सड़ा गला शव सफेद गमछे के फंदे पर लटका मिला था।
सोमवार को हर्षित के शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पिता आलोक ने आरोप लगाया कि जावेद उसके पुत्र को घर पर नहीं आने देता था। 6 नवंबर 2023 को पत्नी की मौत के बाद पुत्र हर्षित को तेहरवीं आदि किसी कार्य में शामिल नहीं होने दिया था। पुत्र हर्षित ने बताया था कि जावेद और उसके परिवार के लोग उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हैं। उसे किसी भी हिंदू कार्य में शामिल नहीं होने देते हैं। वह मजबूर है इसलिए घर नहीं आ सकता। अगर घर आया तो आरोपी उसके साथ कोई घटना अंजाम दे सकते हैं। आलोक ने जावेद, उजैन खान, जैन रजी के खिलाफ हर्षित की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
