
टीपी सिंह
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अलीगढ़ महानगर की सुरक्षा विहार कालोनी में बुलंदशहर के प्रधान डाकघर के अधीक्षक त्रिभुवन प्रसाद सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मुकदमे में उपडाकपाल सहित वही आठ आरोपी नामजद किए गए हैं, जिनके नाम सुसाइड नोट में उल्लेखित थे। इन सभी को परेशान करने और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी बनाया गया है। इधर, परिवार से तहरीर लेकर साक्ष्य तलाशने गई पुलिस टीम बुलंदशहर से लौट आई है। वहां से सीसीटीवी आदि साक्ष्य लेकर आई है।
यह मुकदमा टीपी सिंह के छोटे भाई अधिवक्ता रामवीर सिंह की ओर से कराया गया है। जिसमें आरोप है कि नामजद लोग उनके भाई को परेशान कर रहे थे। उनके द्वारा किए गए कृत्यों पर विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए वे लगातार दबाव बना रहे थे। इसी क्रम में इनके द्वारा दी गईं धमकियों और झूठी शिकायतों से आजिज आने पर ही उनके भाई ने आत्महत्या की है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी पंकज मिश्रा ने तहरीर मिलने की पुष्टि की है। बताया कि पुलिस की जो टीम बुलंदशहर भेजी गई थी। वह मौके से जानकारियां जुटाकर लाई है। साथ में सीसीटीवी फुटेज आदि भी लेकर आई है। अब इसी अनुसार विवेचना आगे बढ़ाई जाएगी। आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी।
बुलंदशहर के डाकघर अधीक्षक की आत्महत्या के मामले में परिवार की तहरीर पर नामजदों पर आत्महत्या के लिए उकसाने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बुलंदशहर भेजी गई टीम भी साक्ष्य जुटाकर लौट आई है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
