राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर रेलवे तथा पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल कार्यालय व वाराणसी में पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल कार्यालय का औचक निरीक्षण करने के दौरान सीबीआई ने 10 से ज्यादा फर्जी सावधि जमा रसीद (एफडीआर) बरामद की हैं। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच की टीमों ने बृहस्पतिवार देर रात तक रेलवे के तीनों कार्यालयों को खंगालने के बाद फर्जी एफडीआर समेत तमाम संदिग्ध दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं, जिनको टेंडर हासिल करने के लिए जमा कराया गया था।

सीबीआई को रेलवे के टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी एफडीआर जमा करने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद तीनों कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर जांच की गई थी। सूत्रों के मुताबिक जांच में रेलवे द्वारा जमा कराई जाने वाली बैंक गारंटी के बदले फर्जी एफडीआर लगाने के अलावा फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र भी जमा करने के सुराग मिले हैं। 

इसी वजह से सीबीआई ने सभी दस्तावेजों को कब्जे में लिया है। अब इन दस्तावेजों का संबंधित बैंकों और विभागों से सत्यापन कराया जाएगा, जिसके बाद फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों, फर्मों के साथ रेलवे के अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। खासकर वाराणसी में गतिशक्ति प्रोजेक्ट के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों का टेंडर हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने के पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें