पंचग्रही योग में 30 मार्च को नव संवत्सर 2082 और चैत्र नवरात्र का आगाज होगा। तृतीया तिथि का क्षय होने के कारण इस बार नवरात्र आठ दिन के ही होंगे। देवी भागवत के अनुसार, जब नवरात्र रविवार से प्रारंभ होता है तो जगदंबा हाथी पर सवार होकर आती हैं। यह बेहद शुभ माना जाता है। हाथी को सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। माता भक्तों को यश-वैभव, धन-संपदा प्रदान करती हैं। इस वर्ष के राजा और मंत्री सूर्य हैं।
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ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्रा के अनुसार नव संवत के पहले दिन मीन राशि में सूर्य के साथ चंद्रमा, शनि, बुध, राहु एक साथ विद्यमान रहेंगे। इससे पंचग्रही योग का निर्माण होगा। साथ ही इस दिन बुधादित्य और मालव्य राजयोग भी बन रहे हैं। आठ दिन के नवरात्र के दौरान चार दिन रवि योग और तीन दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा।
पंचांग के अनुसार वासंतिक नवरात्र के पहले दिन 30 मार्च को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:12 से लेकर 10:20 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है। यह सुबह 11:59 से लेकर दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा।