Challenging influence of Baba Sakar Hari farmer uprooted two taps installed in premises

साकार हरि के रसूख को चुनौती: किसान ने परिसर में लगे दो नल उखाड़े
– फोटो : संवाद

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उत्तर प्रदेश के कासगंज में बहादुर नगर, पटियाली में भोलेबाबा का आश्रम है। यहं उस समय माहौल तल्ख हो गया, जब पड़ोसी गांव के ग्रामीणों ने भोले बाबा के रसूख को चुनौती देते हुए आश्रम में लगे दो नल उखाड़ दिए। अनुयायियों का मानना है कि इन नलों से जल नहीं अमृत निकलता है। बाबा के सेवादारों ने नल उखाड़ने पर आपत्ति की। फिर गांव के लोगों के साथ नल उखाड़ने वाले लोगों की मान मनव्वल भी की। उसके बाद उखाड़े गए दोनों नल सायं के समय फिर से स्थापित किए गए।

बताया गया कि 30 बीघा क्षेत्रफल में बने बाबा के आश्रम आठ नल लगे हुए हैं। इन नलों में से दो नल ऐसे स्थान पर लगे हैं, जहां नगला चक के किसान के खेत का रास्ता है। नल लगे होने के कारण किसान के खेत में ट्रैक्टर नहीं जा पाता व अन्य असुविधाओं का सामना किसान को करना पड़ रहा था। नगला चक का किसान इसको लेकर परेशान था। हाथरस के सत्संग में भगदड़ के मामले में भोले बाबा पर आई आंच के माहौल को देखते हुए किसान ने दोनों नल उखाड़ दिए। 

इससे आश्रम में मौजूद सेवादार भी हैरत में आ गए। ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चाएं होने लगीं। नल उखाड़े जाने के बाद फिर से सेवादारों ने जनहित का वास्ता देकर नल लगवाने के लिए नगला चक के किसान की मान मनोब्बल की। सेवादारों ने किसान को समझाने में सफलता हासिल की। सायं के समय नल स्थापित करने की सहमति बनी और नल की स्थापना का कार्य किया गया। सेवादार राजपाल सिंह ने बताया कि दोनों उखाड़े नल लगवा दिए गए हैं।

नल के पानी को भक्त मानते हैं अमृत

भोले बाबा के आश्रम का मुख्य आकर्षण पटियाली के आश्रम में लगे 8 नल हैं। इन नलों से निकलने वाले पानी को भक्त अमृत मानते हैं। नल के पानी से भक्त न केवल स्नान करते हैं, बल्कि पानी पीते हैं। अपने घर ले जाते हैं। भक्तों का मानना है कि इन नलों का पानी पीने से बीमारियां दूर होती हैं। भोले बाबा के आश्रम के यह नल इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं। 



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