भारत की आजादी के इतिहास में झांसी का बहुत महत्व है। चंद्रशेखर आजाद ने झांसी में आजादी की लड़ाई का ताना-बाना बुना था। उनकी माता जगरानी ने अंतिम समय यहीं बिताया था।

चंद्रशेखर आजाद की माता जगरानी देवी
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क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने अपना लंबा समय झांसी में बिताया था। यहां रहकर ही उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ाई का ताना-बाना बुना था। सन 1931 में उनके वीरगति को प्राप्त होने के बाद उनकी मां जगरानी देवी अकेले मध्य प्रदेश के झाबुआ में रहती थीं।
झांसी के क्रांतिकारी सदाशिवराव मलकापुरकर उन्हें झांसी ले आए थे। माता जगरानी देवी ने अंतिम सांसें यहीं लीं थीं। सदाशिवराव ने पुत्र की तरह उनका अंतिम संस्कार दिया था। माता जगरानी देवी का स्मारक बड़ागांव गेट बाहर स्थित मुक्तिधाम में स्थित है।
