Charthawal क्षेत्र के ग्राम घिस्सूखेड़ा में नहर की मेड टूटने से अचानक खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों की कई बीघा फसल जलमग्न हो गई। इस घटना ने क्षेत्र के किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है, क्योंकि गेहूं और गन्ने जैसी तैयार फसलें पानी में डूबकर खराब हो गईं। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मदद और नुकसान की भरपाई की मांग की है।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में किसान अपने खेतों की स्थिति देखने मौके पर पहुंच गए। कई खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण फसल के पूरी तरह खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
कई बीघा खेतों में भरा पानी, मेहनत पर फिरा पानी
स्थानीय किसानों के अनुसार नहर की मेड अचानक टूटने से तेज गति से पानी खेतों की ओर फैल गया। देखते ही देखते गेहूं और गन्ने की खड़ी फसलें पानी में डूब गईं। कई किसानों ने बताया कि कटाई के लिए तैयार फसल अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, जिससे आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की मरम्मत और निगरानी की जाती तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।
सिंचाई विभाग पर किसानों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद किसानों ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि नहर की स्थिति पहले से कमजोर थी, लेकिन विभाग की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे विधायक पंकज मलिक
घटना की जानकारी मिलते ही चरथावल विधानसभा क्षेत्र के विधायक Pankaj Malik तुरंत गांव घिस्सूखेड़ा पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात की। उन्होंने खेतों का निरीक्षण कर नुकसान की स्थिति का जायजा लिया और किसानों की समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गेहूं, गन्ना सहित कई फसलें पानी में डूबकर खराब हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
अधिकारियों को दिए तत्काल नुकसान का आकलन कराने के निर्देश
मौके पर मौजूद अधिकारियों से विधायक ने जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कराने और प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि हर प्रभावित किसान को उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखा जाएगा।
किसानों के साथ खड़े रहने का दिया भरोसा
विधायक पंकज मलिक ने किसानों को भरोसा दिलाया कि इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत को नुकसान पहुंचाने वाली लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नहरों की नियमित निगरानी और मरम्मत सुनिश्चित कराई जाएगी।
क्षेत्र में बढ़ी चिंता, राहत कार्यों की उम्मीद
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में किसानों के बीच चिंता का माहौल है। कई परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। किसान प्रशासन से शीघ्र सर्वे और राहत पैकेज की घोषणा की उम्मीद कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर सहायता मिलने से ही वे अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे।
घिस्सूखेड़ा गांव में नहर टूटने से हुई फसल क्षति ने किसानों की मेहनत पर गहरा असर डाला है और इस घटना ने सिंचाई व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन से अब प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा और स्थायी समाधान की उम्मीद की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
