इटावा। जनपद न्यायालय ने चेक बाउंस के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने आलू खरीदने के बदले फर्जी चेक देने वाले एक व्यापारी की अपील को खारिज करते हुए उसकी एक साल की सजा को बरकरार रखा है। इस मामले में व्यापारी को 26.50 लाख रुपये का जुर्माना भी भरना होगा जिसमें से 26 लाख रुपये पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे।
नगला नरिया निवासी संजय बाबू ने 2020 में अभय ट्रेडर्स के मालिक अजीत सिंह से बड़ी मात्रा में आलू खरीदा था। भुगतान के तौर पर संजय ने अजीत सिंह को 15 लाख और पांच लाख रुपये के दो चेक दिए थे। जब अजीत सिंह ने इन चेकों को बैंक में लगाया, तो वे स्टॉप पेमेंट के कारण बाउंस हो गए। इस आधार पर निचली अदालत ने संजय बाबू को दोषी पाते हुए एक साल की सजा सुनाई थी।
संजय बाबू ने इस फैसले के खिलाफ जिला सत्र न्यायालय में अपील की थी। उसने दलील दी कि उसके चेक खो गए थे और उसने कभी आलू खरीदा ही नहीं था। हालांकि वह यह साबित नहीं कर सका कि उसने चेक खोने की सूचना बैंक या पुलिस को समय पर दी थी। दूसरी ओर यह साबित हुआ कि चेक पर तीन जगह हस्ताक्षर थे जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चेक जानबूझकर दिए गए थे।
सत्र न्यायाधीश रजत सिंह जैन की कोर्ट ने संजय बाबू की दलीलों को अविश्वसनीय मानते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने सजा के साथ 26.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
