दिवाली व गोवर्धन पूजा के बाद चार दिवसीय छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ जुटने से बाजारों में रौनक दिखने लगी है। शहर से लेकर गांवों तक घाटों व पोखरों की साफ-सफाई होने लगी है। दउरी बनाने वाले युद्ध स्तर पर जुटे हैं। व्यापारी विभिन्न प्रकार के फलों को मांगा रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: वस्त्र-शस्त्र निकालने गया किशोर नदी में डूबा, भीड़ ने लगाया जाम
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में पटाखों के बारूद से फिर हवा में घुला जहर, मार्निंग वॉक में घुटने लगा दम
पहला दिन: नहाय खाय, 17 नवंबर
नहाय-खाय के अंतर्गत व्रती महिलाएं नदी, तालाब आदि में जाकर स्नान करेंगी। घर आकर खाना बनाएंगी। खाने में कद्दू व चावल बनाया जाता है। श्रद्धालु इसे कद्दू भात कहते हैं। नहाय खाय के दिन अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी बनाई जाती है। व्रतियों के प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही परिवार के अन्य लोग भोजन ग्रहण करते हैं।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में स्कूटर से नमकीन बेचा, शख्सियत बने लेकिन नहीं भूले थे पुराना वक्त
दूसरा दिन: खरना 18 नवंबर
इसे भी पढ़ें: दोस्त के साथ एचडी मोटरसाइकिल पर घूमते थे सहारा श्री, मनवाया था अपने काबिलियत का लोहा
तीसरा दिन: संध्या अर्घ्य 19 नवंबर
इसे भी पढ़ें: दशहरा और दिवाली के बाद अब छठ पर जोर…थमा रहेगा डीजे का शोर
