– डिब्बा बंद दूध, पैक्ड सप्लीमेंट, जंक फूड से पांच साल तक के बच्चों में मोटापा बढ़ने से घेर रहीं बीमारियां

Trending Videos

– मेडिकल कॉलेज में हर माह मोटापे की समस्या के आ रहे करीब 50 बच्चे

– औसतन दो बच्चों में शुगर और तीन बच्चों में मिल रही ब्लड प्रेशर की दिक्कत

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। डिब्बा बंद दूध, पैक्ड सप्लीमेंट, जंक फूड आदि से पांच साल तक के बच्चे मोटापे का शिकार हो रहे हैं। बच्चे टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर (बीपी), फैटी लीवर, हृदय रोग, पेट संबंधी समस्याओं की चपेट आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में हर माह 40-50 बच्चे मोटापे से होने वाली दिक्कतों के आ रहे हैं, जिनमें औसतन दो बच्चे टाइप-2 डायबिटीज और दो-तीन हाई ब्लड प्रेशर के हैं। खास बात ये है कि अधिकांश बच्चे उच्च अथवा मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।

मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि माताओं द्वारा पर्याप्त स्तनपान नहीं कराने के मामले बढ़ रहे हैं। हर बच्चे को छह माह तक केवल मां का दूध मिलना चाहिए। दो-तीन माह का होते ही बच्चे को डिब्बा बंद दूध पिलाना शुरू कर दिया जाता है। बच्चा छह-सात माह का होता है, तो पैक्ड सप्लीमेंट फूड शुरू देते हैं जबकि दाल, सेमी लिक्विड फूड व जूस देना चाहिए। पैक्ड सप्लीमेंट फूड में कैलोरी ज्यादा होती है, जो बच्चा पचा नहीं पाता है। कैलोरी वसा की कोशिकाओं में जमा हो जाती है। ये प्रक्रिया लगातार चलने से वसा कोशिकाएं विकसित होने से लगती है और मोटापा बढ़ जाता है। जब बच्चा दो साल का हो जाता है, तो जंक फूड खिलाना शुरू कर देते हैं। डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया मोटापे की वजह से बच्चे टाइप-टू डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मानसिक समस्या, पेट संबंधी समस्याओं की गिरफ्त में फंस रहे हैं।

:::

मोटापे से होने वाले नुकसान

– मोटापा और खेलकूद में शामिल नहीं होने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।

– ज्यादा कैलोरी खाने से हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है।

– अधिक वजन बढ़ने से बच्चों में सांस लेने की दिक्कत होने से अस्थमा की आशंका रहती है।

– अधिक फैट जमा होने से फैटी लिवर की समस्या हो जाती है।

– घुटनों व कूल्हों पर दबाव पड़ता है, जिससे इनमें दर्द होता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें