China में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वहां की महिलाओं की सुरक्षा और प्राइवेसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक टेलीग्राम चैनल – Mask Park Treehole Forum – पर हजारों महिलाओं की निजी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे थे। इस चैनल के 1 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर थे और इसे चीन में सिर्फ VPN के जरिए एक्सेस किया जा सकता था।


पीड़िता Ms D की दास्तान – कैसे एक्स-बॉयफ्रेंड ने किया धोखा
इस पूरे स्कैंडल की सबसे चौंकाने वाली कहानी सामने आई है 20 वर्षीय Ms D की। उसने बताया कि उसके एक्स-बॉयफ्रेंड ने उसकी प्राइवेट तस्वीरें लीक कर दीं। Ms D को इस साजिश का पता तब चला जब एक अनजान शख्स ने उसे सबूत भेजकर बताया कि उसकी सोशल मीडिया डिटेल्स और वीडियो इस सीक्रेट चैनल पर घूम रहे हैं।

जब Ms D ने एक्स-बॉयफ्रेंड से पूछा तो उसने सिर्फ 3 लोगों को फोटो भेजने की बात मानी, लेकिन असल में लीक का दायरा बहुत बड़ा था।

Ms D ने दर्द भरे शब्दों में कहा –
“यह बेहद घिनौना है… ऐसा लगता है जैसे हमें बार-बार वर्बल रेप किया जा रहा हो। और हैरानी तो इस बात की है कि कुछ लोग अपनी ही फैमिली को लेकर भी बीमार फैंटेसी लिख रहे हैं।”


नाबालिग लड़कियां भी बनीं शिकार – स्कैंडल का सबसे डरावना पहलू
इस चैनल पर सिर्फ युवतियों की तस्वीरें ही नहीं थीं, बल्कि नाबालिग लड़कियों, अपराधियों की रिश्तेदारों और विवाहित महिलाओं की भी प्राइवेट तस्वीरें डाली गईं। इन तस्वीरों को शर्मनाक तरीके से एडिट करके विकृत फैंटेसी कंटेंट बनाया गया।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ महिलाओं के सम्मान पर हमला नहीं बल्कि डिजिटल अपराध और साइबर रेप का नया चेहरा है, जिसे रोकना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।


सोशल मीडिया कैंपेन – ‘No Investigation, No Kids’
जैसे ही यह मामला उजागर हुआ, चीनी महिलाओं ने सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर कैंपेन शुरू किया। उन्होंने चैनल की डिटेल्स शेयर कीं, रिपोर्ट करने के तरीके बताए और हैशटैग कैंपेन चलाया।

महिलाओं ने एक बेहद असरदार नारा दिया:
“No investigation, no kids” – यानी अगर सरकार इस पर जांच नहीं करेगी, तो महिलाएं बच्चे पैदा करने से इनकार कर देंगी।

यह नारा सीधे चीन की पॉप्युलेशन पॉलिसी पर चोट करता है, क्योंकि चीन पहले से ही जनसंख्या घटने और जन्म दर कम होने की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।


सरकार की प्रतिक्रिया – चैनल बंद, लेकिन छोटे ग्रुप्स अब भी चालू
चीन सरकार ने बयान जारी कर कहा कि Mask Park Treehole Forum चैनल बंद कर दिया गया है। हालांकि, महिलाओं का आरोप है कि छोटे-छोटे चैनल और ग्रुप अब भी एक्टिव हैं और उन पर वही गंदा कंटेंट शेयर किया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इस कैंपेन से जुड़े कई पोस्ट्स को डिलीट और म्यूट करना भी शुरू कर दिया है। यहां तक कि Mask Park सर्च करने पर अब यूजर्स को असली स्कैंडल की जानकारी नहीं मिल रही, बल्कि उन्हें भटकाने वाले रिजल्ट दिखाए जा रहे हैं।


चीन की इंटरनेट सेंसरशिप और महिलाओं की लड़ाई
चीन पहले से ही अपने कड़े इंटरनेट सेंसरशिप कानूनों के लिए बदनाम रहा है। लेकिन जब महिलाओं की प्राइवेसी और सुरक्षा दांव पर हो और फिर भी सरकार खुली जांच की बजाय कैंपेन दबाने में लग जाए, तो सवाल उठना लाज़मी है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि यह मामला सिर्फ महिलाओं का नहीं बल्कि चीन की डिजिटल सुरक्षा और सेंसरशिप सिस्टम की नाकामी भी है।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
यह स्कैंडल सिर्फ चीन की नहीं बल्कि दुनियाभर की महिलाओं की प्राइवेसी पर खतरे की घंटी है। आज जब सोशल मीडिया और क्लाउड डेटा हर इंसान की जिंदगी का हिस्सा है, तब एक लीक से लाखों जिंदगियां बर्बाद हो सकती हैं।

कई अंतरराष्ट्रीय संगठन चीन सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह इस मामले में पारदर्शी जांच करे और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दे।


भविष्य की चुनौती – क्या महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या चीन सरकार सच में इस तरह के चैनलों को जड़ से खत्म कर पाएगी? क्या पीड़ितों को न्याय मिलेगा या यह मामला भी सेंसरशिप की परतों के नीचे दब जाएगा?


चीन का Mask Park Treehole Forum स्कैंडल दुनिया को यह चेतावनी देता है कि महिलाओं की प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा किसी भी देश में कितनी नाजुक है। सवाल यह है कि क्या सरकारें सिर्फ चैनल बंद करके अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ लेंगी या महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए ठोस कदम उठाएंगी?

 



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