Chowki incharge found drunk who beat up youths in Firozabad SP handed over investigation to CO

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– फोटो : फाइल फोटो

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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में नशे की हालत में चौकी इंचार्ज ने युवकों को पीटा। मेडिकल जांच हुई तो उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। जांच के बाद आरोपी चौकी इंचार्ज के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोटला रोड निवासी लोक निर्माण विभाग में राजकीय ठेकेदार के भतीजे अभिषेक और सोनू रविवार रात करीब 11:30 बजे आगरा से सीटेट की परीक्षा देकर अपनी नई कार से लौट रहे थे। दोनों अपनी गाड़ी सही दिशा में ले जा रहे थे। तभी गलत दिशा से अपनी चार पहिया गाड़ी लेकर सामने से आ रहे थाना उत्तर की कैला देवी चौकी के प्रभारी विवेक शर्मा ने साइड देने की बजाय अपनी गाड़ी को उनकी गाड़ी के सामने रोक दिया। 

दोनों युवकों ने डिपर और हॉर्न देकर साइड देने की बात कही। इसी बात पर आग बबूला होकर नशे में धुत चौकी इंचार्ज विवेक शर्मा ने चालक सीट पर बैठे युवक को गाड़ी से बाहर खींच लिया। उसकी पिटाई शुरू कर दी। इतने में युवक का साथी भी गाड़ी से बाहर आ गया और गलती पूछने लगा। तभी दरोगा के साथ गाड़ी में बैठे एक सिविल के व्यक्ति ने भी दोनों युवकों को जमकर पीटा।

पीड़ितो के अनुसार सूचना पर थाना उत्तर पुलिस मौके पर पहुंची तो उल्टा चौकी इंचार्ज ने भी युवकों द्वारा नशे में होने की बात कहते हुए पिटाई करने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने चौकी इंचार्ज का बचाव करने का प्रयास भी किया, लेकिन थाना में जब सीओ सिटी हिमांशु गौरव ने पूछताछ की तो चौकी इंचार्ज खुद ही फंस गए। युवकों की हालत देखकर उन्होंने चौकी इंचार्ज को फटकारा। एसएसपी सौरभ दीक्षित को पूरी जानकारी दी। एसएसपी के आदेश पर चौकी इंचार्ज का मेडिकल कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में एल्कोहल पाया गया है।

युवकों का नहीं कराया गया मेडिकल

उत्तर पुलिस ने युवकों का मेडिकल नहीं कराया। उसके पीछे दो कारण यह थे कि एक युवक के परिवार के गहरे संबंध एक नेता से हैं। अगर मेडिकल कराकर युवकों के खिलाफ पुलिस मुकदमा लिखती तो कार्रवाई आगे बढ़ जाती। वहीं युवकों व उनके परिजन ने भी सूझबूझ का परिचय देते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ने से रोक दिया।

आगरा में भी निलंबित हो चुका है दरोगा

नशे की हालत में थाना उत्तर की चौकी कैला देवी के प्रभारी विवेक शर्मा की तैनाती पूर्व में आगरा में थी। जहां वे फाउंड्रीनगर चौकी के प्रभारी थे। जहां 31 अगस्त 2022 को एक आरोपी से रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले में आगरा के तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने उक्त दरोगा को निलंबित किया था। दरोगा ने पुलिस मकहमे को पहले भी बदनाम करने का काम किया है। इस मामले में चौकी प्रभारी समेत पांच लोगों पर गाज गिरी थी।

मामला संज्ञान में आया था, चौकी इंचार्ज का मेडिकल भी कराया गया है। उसमें एल्कोहल कुछ मात्रा में पाया गया है। मामले की जांच सीओ सिटी को दी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।  -सौरभ दीक्षित, एसएसपी



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