
राहुल गांधी नागरिकता विवाद।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को केंद्र सरकार से पूछा है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता मामले में याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन पर क्या कारवाई की गई है। कोर्ट ने केंद्र के अधिवक्ता को केंद्र से तीन सप्ताह में इसकी जानकारी लेकर अगली सुनवाई पर पेश करने को कहा है। कोर्ट ने मामले को 16 दिसंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में अगली सुनवाई को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता एस विगनेश शिशिर की याचिका पर दिया। याची ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले में सीबीआई जांच की मांग भी की थी।
पहले, याचिका इस दावे के आधार पर दाखिल हुई थी कि राहुल गांधी भारत के बजाय ब्रिटेन के नागरिक हैं। ऐसे में वह संविधान के अनुच्छेद 84(ए) के तहत चुनाव लड़ने को अयोग्य थे। कोर्ट ने बीती जुलाई में राहुल गांधी के सांसद के रूप में चुनाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को याची द्वारा वापस लेने पर खारिज कर दिया था।
साथ ही कोर्ट ने याची को नागरिकता कानून 1955 के प्रावधानों के तहत समुचित प्राधिकारी को अप्रोच करने की दी छूट भी दी थी। केंद्र के सहायक सॉलिसिटर जनरल एस बी पांडेय ने बताया कि याची ने पुनः हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसने राहुल गांधी की नागरिकता मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी को दो प्रत्यावेदन दिए थे। इसपर कोर्ट ने उनसे पूछा है कि केंद्र से जानकारी लेकर अगली सुनवाई पर बताएं कि याची के प्रत्यावेदन पर केंद्र ने क्या कारवाई की है?
