हुसैनगंज। बरात में अगवानी की रोडलाइट लेकर जाने वाले नाबालिग श्रमिकों को मंगलवार रात बेकाबू लोडर ने टक्कर मार दी। हादसे में लाइट लिए एक कक्षा छह का छात्र टक्कर लगने के बाद डीजे से टकरा गया। लोडर और डीजे के बीच फंसकर छात्र मौत हो गई। चार अन्य नाबालिग श्रमिक घायल हो गए। ग्रामीणों ने लोडर चालक को पकड़ा। पिटाई के बाद पुलिस को सौंपा है।
थाना क्षेत्र के मवई गांव के झारखंडीपुरवा निवासी पप्पू मौर्या की पुत्री की बरात मंगलवार रात वीरनपुर से आई थी। आगवानी के दौरान नाबालिग रोड लाइट के तार एक दूसरे से जोड़ रहे थे। इस दौरान हुसैनगंज मार्ग की ओर पहुंची तेज रफ्तार लोडर मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। नाबालिग श्रमिकों को लोडर ने टक्कर मार दी। हादसे के दौरान शिवपुर गांव के मथुरा प्रसाद कोरी का पुत्र निकेश (13) की लोडर और डीजे के बीच फंसकर मौत हो गई।
वहीं, लोडर की चपेट में आने से शिवपुर बाबा का पुरवा निवासी राजेश का पुत्र सूरज (14), राजू का पुत्र संजय (14), गनेशपुर के विजयपाल का पुत्र सचिन पासवान (15) तथा रामचन्द्र का पुत्र आयुष साहू (14) घायल हुए। संजय, आयुष, सचिन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद लोडर चालक को ग्रामीणों ने पीटकर पुलिस को सौंपा है। मृतक छात्र संकठा प्रसाद इंटर कॉलेज में कक्षा छह का छात्र था। वह दो भाइयों मुकेश, नितेश में सबसे छोटा था। हादसे से मां रूपरानी का हाल बेहाल हो गया। मृतक के पिता मथुरा प्रसाद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि बेटा बरात देखने गया। रोड लाइट में काम करने की बात से इन्कार किया। हालांकि अन्य परिजनों बरात में काम करने की बात कही है। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि लोडर और चालक को पकड़ा गया है।
हर लड़के को 150 रुपये रोड लाइट निकालने में मिलते
रोड लाइट संचालक मवई गांव का बताया जा रहा है। वह हादसे के बाद जिला अस्पताल रात को पहुंचा था। कुछ लोगों की पूछताछ के दौरान ही भाग निकला। स्थानीय लोगों ने बताया कि सहालग में हर रात लड़कों को संचालक बुलाता है। रोड लाइट के काम के बदले में उन्हें 150 रुपये देता है।
