{“_id”:”671166f9af7a91ff0d05be14″,”slug”:”commissioner-angry-over-poor-construction-and-slow-pace-of-phc-orai-news-c-224-1-ori1005-121081-2024-10-18″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: पीएचसी के घटिया निर्माण और धीमी गति पर बिफरे कमिश्नर”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
मुहम्मदाबाद। कमिश्नर विमल कुमार दुबे बुधवार देर शाम डकोर ब्लॉक के ऐरी रमपुरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के सरकारी कार्यालयों समेत अमृत सरोवर तालाब का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन पीएचसी की धीमी गति व मैटेरियल की गुणवत्ता खराब मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं और वरीयता के आधार पर अधीनस्थों को निपटारा करने के निर्देश दिए।
सबसे पहले कमिश्नर विमल कुमार दुबे ने निर्माणाधीन हाईस्कूल की बिल्डिंग में टाइल्स लगाने के कार्यों को देखा और तेजी से काम कराकर दिसंबर तक चालू करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने पंचायत भवन राशन वितरण की मॉडल शॉप, आजीविका केंद्र एवं अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया।
ग्रामीणों ने कमिश्नर को बताया कि मजरा रमपुरा के जूनियर हाईस्कूल में 24 बच्चों पर 5 अध्यापक हैं। ऐरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय में 54 छात्रों पर सिर्फ एक शिक्षक की तैनाती है। इस पर उन्होंने ऐरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय में नियमानुसार शिक्षक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती करने को कहा है। शिवदयाल, जियालाल ने जंगल की ओर जाने वाले रास्ते को बनवाने की मांग उठाई। किसान सम्मान निधि खाते में न पहुंचने व झूलते बिजली के तारों को ठीक कराने की भी मांग की है।
कमिश्नर ने छह महीने के बच्चों का अन्नप्राशन कराकर चार गर्भवतियों की गोदभराई भी की। पांच लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास योजना के चाबी सौंपी। इस दौरान सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास, एडीएम वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल, प्रभारी डीडीओ महेंद्र चौबे, पीडी अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेंद्र कुशवाहा, डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद, बीडीओ रमेश चंद्र शर्मा, प्रधान ओमकार पाल, सीएचसी अधीक्षक डॉ इदरीश मोहम्मद, इंस्पेक्टर शशिकांत चौहान आदि रहे।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का किया निरीक्षण
उरई। कमिश्नर विमल कुमार दुबे ने डीएम राजेश कुमार पांडेय के साथ जल जीवन मिशन के अंतर्गत सला ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना के तहत सला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने लैब, कैमिकल हाउस, क्लोरीनेशन बिल्डिंग व आदि का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और स्थानीय निवासियों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लैब में पानी के गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया को भी देखा। साथ ही स्थानीय लोगों की पानी की आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। इस दौरान एडीएम संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण अंचल गुप्ता आदि रहे। (संवाद)
