अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शुक्रवार को मंडलायुक्त ने मंडल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष व्यय की स्थिति कम पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। इस दौरान मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों की चिकित्सा इकाइयों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए।
कमिश्नरी में हुई समीक्षा में सामने आया कि झांसी जनपद में स्वीकृत बजट 12981 लाख में से 17 प्रतिशत, जालौन में 9250 लाख के सापेक्ष 13 प्रतिशत व ललितपुर में 7657 लाख रुपये के सापेक्ष 15 प्रतिशत ही व्यय किया गया। जबकि, अब तक 25 प्रतिशत धनराशि स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यय हो जानी चाहिए थी।
इस स्थिति पर मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि जिला चिकित्सालय झांसी एवं उरई की सभी चिन्हित कमियों को दूर करते हुए अगले दो माह में राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए तैयार कराया जाए।
उन्होंने 50 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के राज्य स्तरीय मूल्यांकन में सफल होने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए अन्य दिशा निर्देश भी जारी किए। बैठक में एनएचएम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
बैठक में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन, जेडी डॉ. जयप्रकाश समेत डॉ. आरके सोनी, डॉ. पीके कटियार, सीएमओ झांसी डॉ. सुधाकर पांडेय, डॉ. एनडी शर्मा, डॉ. इम्तियाज अहमद आदि मौजूद रहे।
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मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर रहा जोर
मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर के सामने आ रहा है। आत्महत्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इस पर मंडलायुक्त ने ओपीडी के अतिरिक्त मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला में मानसिक स्वास्थ्य की परामर्श सेवाएं दिए जाने और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा ‘टेली मानस 14416’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
