– बूस्टर लगाने के बाद भी नहीं नेटवर्क न आने से धौर्रा के कई गांवों में समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर/जाखलौन। लोकसभा चुनाव के दौरान बूस्टर लगाने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या दूर नहीं हुई है। हाल ये है कि भारौन सीएचसी बंद पड़ी है। पंचायत कार्यालय में इंटरनेट की समस्या होने से कंप्यूटर नहीं चल पा रहे हैं। नेटवर्क न आने से नौ गांवों की 12 हजार आबादी प्रभावित है।
जनपद में अभी ऐसे ग्रामीण इलाके हैं, जहां पर आज तक मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है। भले ही सरकार 5जी नेटवर्क पहुंचाने का दावा कर रही हो, लेकिन नेटवर्क की समस्या होने से सही से बात तक नहीं हो पा रही है। धौर्रा, भारौन, भड़यावारा, मादौन, कपासी, बिजौरी, धौजरी, पिपरई, माताखेड़ा हरदारी सहित 50 से अधिक गांव में नेटवर्क नहीं मिल रहा है। हालांकि, चुनाव के दौरान कई इलाकों में बूस्टर लगाए गए, फिर भी मोबाइल नेटवर्क नहीं मिल सका है। मोबाइल से बात करने के लिए ऊंचाई वाली जगह खोजनी पड़ती है। मोबाइल नेटवर्क न पहुंचने से सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों को हो रही है। वह ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, पंचायत कार्यालय पर लगे कंप्यूटर भी कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए भारौन गांव में संचालित होने वाला सीएससी सेंटर भी बंद पड़ा है।
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नेटवर्क न आने से ऑनलाइन कक्षा में पढ़ाई नहीं कर पा रही हूं। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। – माही, छात्रा।
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नेटवर्क की समस्या होने से फोन पर कट जाता है। इंटरनेट प्रभावित होने से ऑनलाइन पढ़ नहीं पाता हूं। -जितेंद्र, छात्र।
पंचायत भवन में बिना नेटवर्क के काम कंप्यूटर नहीं चल पाते हैं। इससे ग्रामीणों को बहुत परेशानी होती है। आसपास की पंचायतों में जाकर जरूरी काम करवाना पड़ता है। – देवी सहरिया, ग्राम प्रधान भारौन।
लोकसभा चुनाव के समय मतदान केंद्रों पर नेटवर्क पहुंचाने के लिए बूस्टर लगाए थे। नेटवर्क पहुंचाने के लिए यह स्थायी समाधान नहीं है। बिना मोबाइल टावर के ये समस्या खत्म नहीं हो सकती है। – नवीन मिश्रा, डीपीआरओ।
