संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 15 Aug 2024 03:06 AM IST

कासगंज। जिले में गंगा की 77 किलोमीटर गंगा की धारा बहती है। जिले के तीनों तहसील क्षेत्रों में गंगा का बहाव है। प्रतिवर्ष ही जिले के लोग बाढ़ की आपदा का सामना करते हैं। असामान्य स्थिति होने पर यह आपदा बड़ा रूप ले लेती है। गंगा के दक्षिणी किनारे पर पत्थरों की ठोकर (पक्का बांध) बनाने के लिए मुख्य अभियंता (रामगंगा) सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग ने अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्यमंडल अलीगढ़ से आख्या मांगी है। ऐसा होने पर जिले के 150 से अधिक गांव आपदा से बच सकेंगे।शासन में यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष पटियाली के पूर्व विधायक के द्वारा रखा गया था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को प्रस्ताव के परीक्षण, सर्वेक्षण आदि के संबंध में निर्देश दिए। इस प्रस्ताव में पूर्व विधायक ममतेश शाक्य नये दिए गए प्रस्ताव में मांग उठाई कि कछला से फर्रुखाबाद जनपद की सीमा तक गंगा पर पत्थरों का पक्का बांध बनाया जाए। जिससे जिले में बाढ़ और कटान से होने वाली आपदा से निजात मिल सके। इस संबंध में मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को पत्र जारी कर आख्या मांगी गई है। आख्या मिलने के बाद बांध के सर्वेक्षण का कार्य होगा। साथ ही इसके तकनीकी पहलू भी परखे जाएंगे। कछला से फर्रुखाबाद सीमा तक गंगा की धारा करीब 50 किलोमीटर है। गंगा की सीमा पश्चिम में अलीगढ़ की सीमा से लगती है। जहां से फर्रुखाबाद की सीमा तक कुल लंबाई 77 किलोमीटर तक है। माना जाता है कि पत्थर की ठोकरें महमूदपुर पुख्ता से लेकर फर्रुखाबाद सीमा तक बनें तो यह प्रस्ताव और उपयोगी हो जाएगा।
