बरेली के किला थाना क्षेत्र निवासी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व महानगर अध्यक्ष सलीम उर्फ मुन्ना कुरैशी को पुलिस की रिपोर्ट पर एडीएम सिटी की अदालत ने छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया। वहीं, उसकी अगवा बताई जा रही बेटी ने प्रेमी संग किला थाने आकर निकाह का दावा किया। कहा कि माता-पिता ने उसे अगवा करने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है।

किला थाना पुलिस की ओर से प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक सलीम उर्फ मुन्ना कुरैशी पर मारपीट, रंगदारी, धमकी, जुआ-सट्टा और कब्जेदारी जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं। उसका पूरा गिरोह है जो इलाके में अवैध काम करता है। शिकायत करने वालों को ये धमकाकर चुप करा देते हैं। इसके उलट मुन्ना ने अदालत में खुद के सामाजिक व राजनीतिक होने आदि की दुहाई दी। वक्फ संपत्ति हड़पने की साजिश का भी हवाला दिया।

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एडीएम सिटी सौरभ दुबे की अदालत ने फैसला सुनाया कि मुन्ना कुरैशी को छह महीने तक जिले की सीमा से बाहर रहना होगा। अगर किसी मुकदमे की पैरवी के लिए उसे आना पड़े तो थाने को सूचना देने के साथ ही अदालत से अनुमति लेनी होगी। इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशफाक सकलैनी ने बताया कि उन्हें पहले की जानकारी नहीं है। फिलहाल, मुन्ना कुरैशी का कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है।



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