
जमानत याचिका खारिज
– फोटो : प्रतीकात्मक
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हाथरस में 22 दिसंबर को विशेष न्यायाधीश (एससी/ एसटी एक्ट) राम प्रताप सिंह की अदालत ने प्रेम जाल में फंसाकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी सिपाही की जमानत याचिका खारिज कर दी।
पीड़िता ने थाना हाथरस गेट में सिपाही के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता की मुलाकात वर्ष 2019 में डायल 112 पर तैनात सिपाही अनिल कुमार से हुई थी। आरोप है कि सिपाही अनिल कुमार ने प्रेमजाल में फंसाकर पीड़िता को अपने कमरे में बुलाता था और पीड़िता के साथ दुष्कर्म करता था, जबकि सिपाही शादीशुदा था। आरोप है कि सिपाही ने पीड़िता की अश्लील वीडियो बना ली थी।
वर्ष 2020 में सिपाही अनिल ने एक स्टांप पेपर पर शादी होने की बात लिख ली और हस्ताक्षर करा लिए। बाद में पता चलने पर कि युवती अनुसूचित जाति की है तो गाली-गलौज करने लगा। साथ ही अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इस प्रकरण में 16 अगस्त 2023 को सिपाही के खिलाफ कोतवाली हाथरस गेट में दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस ने उसे पकड़ा था। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया था।
पीड़िता दो मुकदमे पहले ही अनिल कुमार के खिलाफ दर्ज करा चुकी है। वादिया के अधिवक्ता पार्थ गौतम के मुताबिक सिपाही अनिल कुमार की जमानत याचिका को विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचारण निवारण अधिनियम रामप्रताप सिंह की अदालत ने ने खारिज कर दिया है।
