– न्यायालय ने जुर्माना भी लगाया

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। युवती से दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने सिपाही को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया। अभियुक्त ने आठ साल पहले घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र खरे ने बताया कि एक युवती ने एसएसपी को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें बताया था कि वह माता-पिता के साथ रहती है। मई 2016 में हमीरपुर के मौहदा थाना इलाके के ग्राम गुसियारी निवासी शफीक अहमद झांसी आया था। वह मानिकपुर जीआरपी थाने में तैनात था और ट्रेनिंग के लिए यहां आया था। एक दिन वह घर का दरवाजा खुला देखकर अंदर घुस आया। वह घर में अकेली थी। सिपाही ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर मारपीट करते हुए मुंह दबा दिया था। सिपाही ने घटना के बारे में किसी को कुछ बताने पर बदनाम करने और भाई को बंद कराने की धमकी दी थी।

युवती ने बताया कि सिपाही की धमकी से डरकर उसने उसने माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद सिपाही 20 लाख रुपए मिलने पर शादी करने की बात कहने लगा। तब उसने जानकारी माता-पिता को दी। पीड़िता की शिकायत पर प्रेमनगर थाना पुलिस ने 18 जनवरी 2017 को सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि, मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र यादव ने मुकदमे की सुनवाई के बाद अभियुक्त शकीक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख पांच हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया, जिसमें से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। जबकि, अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



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