अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी-कानपुर हाईवे पर मेडिकल कॉलेज तिराहे पर फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य अगले माह से आरंभ हो जाएगा। एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसके लिए स्वाइल टेस्टिंग समेत अन्य कार्य प्रारंभ करा दिए हैं। एनएचएआई अफसरों के मुताबिक 18 माह के अंदर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस फ्लाई ओवर के बन जाने से यहां होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
एनएचएआई ने पिछले साल झांसी-कानपुर हाईवे और झांसी-ग्वालियर हाईवे पर अलग-अलग फ्लाई ओवर बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा था। लंबी औपचारिकताओं के बाद केंद्र सरकार ने दोनों फ्लाई ओवर के निर्माण को मंजूरी दे दी। इसके बाद इनके लिए टेंडर भी करा लिए गए। यह काम हरियाणा की एक निजी एजेंसी को सौंपा गया है।
एनएचएआई अफसरों के मुताबिक झांसी-कानपुर हाईवे पर मेडिकल तिराहे के पास एक किलोमीटर लंबा फ्लाई ओवर बनाया जाएगा। यह फ्लाई ओवर चार लेन का होगा। अक्तूबर माह से इसका निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। निर्माण आरंभ होने के 18 माह के अंदर इसका निर्माण कार्य पूरा करना होगा। इन दोनों फ्लाई ओवर पर सौ करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी।
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फ्लाई ओवर के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस समय स्वाइल टेस्टिंग समेत अन्य प्रारंभिक कार्य कराए जा रहे हैं। अगले माह से इसका निर्माण आरंभ होने की उम्मीद है। यह फ्लाईओवर चार लेन का बनाया जाएगा।
सुनील चंद्र जैन
परियोजना अधिकारी, एनएचएआई
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दुर्घटनाओं पर लग सकेगी लगाम
मेडिकल कॉलेज तिराहे पर ही सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं। खासतौर से रात में यहां अक्सर ही हादसे होते हैं। मौजूदा समय में तिराहे की डिजाइन ऐसी है कि कानपुर के रास्ते से आने वाले वाहन और मेडिकल कॉलेज की ओर से आने वाले वाहनों की अक्सर आमने-सामने भिड़ंत होने की आशंका रहती है। इसी तरह शिवपुरी की ओर से आने वाले वाहनों को मेडिकल कॉलेज की ओर जाने का रास्ता ही नहीं मिलता। थोड़ी सी गलती होने पर भारी वाहन की चपेट में आने की आशंका रहती है। इस फ्लाई ओवर के बन जाने से यह परेशानी दूर हो सकेगी।
