
जिला उपभोक्ता फोरम अलीगढ़
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बीमा कवर होने के बाद भी बीमारी के उपचार में बिल का भुगतान न करने पर अलीगढ़ जिला उपभोक्ता न्यायालय ने बीमा कंपनी के खिलाफ आदेश दिया है। पीड़त की अर्जी पर साफ कहा है कि कंपनी बिल का भुगतान करेगी। साथ में 40 हजार रुपया हर्जाना भी लगाया है। ये फैसला जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह की अदालत ने सुनाया है।
अर्जी चंद्रा सिनेमा दुबे पड़ाव निवासी मंजू मित्तल की ओर से दायर की गई। जिसमें बताया गया कि उन्होंने अपना बीमा एचडीएफसी हेल्थ एग्रो इंश्योरेंस के जरिये टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस से कराया। 8 फरवरी 2019 से कराया गया बीमा 7 फरवरी 2023 तक के लिए वैध था। इस दौरान 5 फरवरी 2022 को बीमार होने पर उन्हें दिल्ली के मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान हृदय संबंधी बीमारी बताई गई। मई माह तक वह भर्ती रहीं और उपचार चला।
इस दौरान कुल 3 लाख 31 हजार 247 का भुगतान किया गया। मगर बीमा कंपनी ने इसका भुगतान करने से इन्कार कर दिया। यह दलील दी कि बीमा कराते समय आपके स्तर से बीमारी छिपाई गई। इसे लेकर बीमा कंपनी के खिलाफ अर्जी दायर की गई। जिसकी सुनवाई करते हुए उपभोक्ता न्यायालय ने उपचार में खर्च राशि के भुगतान के साथ 40 हजार रुपये हर्जाना भी तय किया है।
