
अमरजीत फाइल फोटो
तिलोई (अमेठी)। जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र में ठेकेदार ने शुक्रवार देर रात अपने घर में कनपटी पर असलहे से गोली मार कर खुदकुशी कर ली। परिवार के लोग कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कहा जा रहा है कि कारोबार में घाटे की वजह से वह अवसाद में थे। पुलिस ने मौके से घटना में प्रयुक्त असलहा बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि असलहा लाइसेंसी है या बिना लाइसेंसी इसकी जांच की जा रही है। मोहनगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे दसवंत सिंह मजरे खानापुर चपरा निवासी अमर कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर अमरजीत सिंह (50) मूलरूप से जगदीशपुर थाना क्षेत्र के पूरे हरपाल गांव के निवासी थे। खानापुर चपरा गांव में अपने ननिहाल में परिवार के साथ रहते थे। मृतक के पिता जयदयाल सिंह शिक्षक थे। मृतक दो भाइयों के बीच में छोटे थे। बड़े भाई समरजीत सिंह मूल गांव में रहकर किसानी करते हैं।
मृतक अमर कंस्ट्रक्शन फर्म के जरिए ठेकेदारी के अलावा पेट्रोलियम कंस्ट्रक्शन होने के नाते नई पुरानी पेट्रोल टंकी काम देखता थे। सूत्रों का कहना है कि कुछ दिनों से कारोबार में घाटे को लेकर परेशान थे। अस्वस्थ होने से कामकाज नहीं देख पा रहे थे। जिससे परेशान थे। संभवत: इसी वजह से रात को अपने घर में खुद को गोली मार कर जान गवां दी। शनिवार सुबह घटना सार्वजनिक होने के बाद हर कोई अवाक रह गया।
पुलिस मृतक के बेटे आशुतोष सिंह की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया है। थानाध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। घटना में प्रयुक्त असलहा बरामद किया गया है, लेकिन असलहा लाइसेंसी है या गैर लाइसेंसी इसकी जांच की चल रही है।
काफी मिलनसार थे, किसी को नहीं था अंदेशा
मृतक अमरजीत सिंह के एक पुत्र आशुतोष सिंह (18) व एक पुत्री आंशी सिंह (15) हैं। दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। घटना के बाद दोनों के सिर से पिता का साया उठ गया। दोनों बच्चे बदहवास हैं। किसी को इस बात का अंदेशा तक नहीं था कि अमरजीत ऐसा कदम भी उठा सकते हैं।
बताते हैं कि अमरजीत सिंह काफी मिलनसार थे। सरल स्वभाव के कारण वे सभी के प्रिय थे। उनकी क्षेत्र में काफी ख्याति थी। बड़े कारोबारी थे। शनिवार की दोपहर शव के पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम छाया रहा। शोक संवेदना व्यक्त करने विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
