court sentenced three people including policeman guilty of robbery to seven years imprisonment in Agra

कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
– फोटो : एएनआई

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उत्तर प्रदेश के आगरा में कमला नगर के चांदी व्यापारी के बेटे से 31 साल पहले हुई 8.26 लाख की लूट के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र रनवीर सिंह ने झांसी के थाना गड़वठा के मोती कटरा निवासी तत्कालीन पुलिसकर्मी भागीरथ, सिकंदरा के शास्त्रीपुरम निवासी संजय गुप्ता उर्फ टीटू और ट्रांस यमुना के कालिंदी विहार निवासी रामनिवास को सात वर्ष कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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हरीपर्वत थाने में कमला नगर के आदर्श नगर निवासी चांदी व्यापारी भगवान दास गुप्ता ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनका पुत्र भुवन प्रकाश अपने ममेरे भाई टीटू उर्फ संजय, चौकीदार दुर्ग विजय सिंह एवं उसके पुत्र चंद्रप्रकाश के साथ 22 दिसंबर 1993 की सुबह घर से दिल्ली जाने के लिए निकला था। सुबह करीब 6 बजे कमला नगर टंकी के पास से राजा की मंडी स्टेशन जाने के ऑटो में बैठे।

हाईवे पर नेहरू नगर मोड़ के पास चार लोगों ने ऑटो को रोक लिया। पुलिसकर्मी बन गालीगलौज की। तलाशी लेने के बहाने भुवन प्रकाश से 8.26 लाख रुपये लूट लिए। थाने पर आकर बात करने की बोलकर आरोपी वहां से निकल गए। आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोग पुलिस की वर्दी वाले जैकेट पहने थे। पुलिस ने व्यापारी की तहरीर के आधार पर अज्ञात में आरोपियों के विरुद्ध लूट की धारा में केस दर्ज किया था।

पुलिस ने 8 के खिलाफ की थी कार्रवाई

पुलिस ने मुकदमे की विवेचना के दौरान झांसी के शास्त्रीपुरम निवासी पुलिसकर्मी भागीरथ पुत्र शीलू माते, कानपुर निवासी पुलिसकर्मी सर्वेश कुमार यादव, आगरा के हिम्मतपुर निवासी पुलिस कर्मी हमबीर सिंह, चांदी व्यापारी के साले का बेटा सिकंदरा निवासी संजय गुप्ता उर्फ टीटू, कालिंदी विहार निवासी ऑटो चालक राम निवास, हरीपर्वत निवासी अनिल कुमार गुप्ता, न्यू आगरा के सुभाष गुप्ता, एत्माद्दौला के निवासी राजेश को गिरफ्तार किया था।

मुकदमे में इनकी हुई गवाही

अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे के विचारण के दौरान भगवान दास गुप्ता, विवेचक एसआई मोहम्मद असलम, पीड़ित चांदी व्यवसायी भुवन प्रकाश गुप्ता, डिप्टी एसपी ओमवीर सिंह की गवाही हुई। आरोप लगाया गया कि पुलिस ने अपने साथी पुलिस कर्मियों को बचाने की कोशिश की थी। सीलबंद बंडल खोल बरामद नोट निकाल दूसरे नोट बदल दिए थे। अदालत ने पुलिस के कृत्य को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए हैं।



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