मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो देश नवाचार को बढ़ावा देगा, वही दुनिया का नेतृत्व करेगा। यह हमारा सौभाग्य है कि लखनऊ में सीएसआईआर की चार प्रयोगशालाएं हैं। इनके शोध अब सिर्फ लैब तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक पहुंच रहे हैं।

सोमवार को सीएम योगी ने सीएसआईआर स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 के समापन सत्र को संबोधित किया। कार्यक्रम से पहले उन्होंने प्रदर्शनी में स्टार्टअप्स और इनोवेशन की जानकारी ली और बच्चों से भी संवाद किया। कहा कि आज का दौर टेक्नोलॉजी और रिसर्च का है। विज्ञान के क्षेत्र में जो जितना आगे होगा, दुनिया उसका अनुसरण करेगी।

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यूपी बनेगा ग्लोबल टेक और इनोवेशन हब

सीएम ने कहा कि प्रदेश में इनोवेशन और उद्यमिता का मजबूत ईकोसिस्टम तैयार किया गया है। एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना इसका सफल उदाहरण है। इसके चलते 9600 से अधिक एमएसएमई पुनर्जीवित हुए हैं और दो करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। यदि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो उत्तर प्रदेश का विकास सबसे बड़ी शर्त है।

शोध से समाज को सीधा लाभ

सीएम योगी ने बताया कि गंगा किनारे आर्सेनिक और यमुना किनारे फ्लोराइड प्रदूषण से निपटने के लिए आईआईटीआर फिल्टर तैयार कर रहा है। सीमैप में मेंथॉल और धूप-पुष्प जैसे उत्पाद विकसित किए गए हैं, जिनसे समाज को सीधा लाभ मिल रहा है।

स्टार्टअप में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा हब

सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत में स्टार्टअप ईकोसिस्टम तेजी से बढ़ा है। अमेरिका और ब्रिटेन के बाद भारत तीसरे स्थान पर है। देश में 1.9 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। यूपी में 17 हजार से ज्यादा स्टार्टअप, 7 यूनिकॉर्न, 72 इनक्यूबेटर और 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हैं। इन्हें अब तक 137 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें।



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