आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये ब्लैकमेल हुए युवक की आत्महत्या के मामले में साइबर पुलिस ने महाराष्ट्र के गिरोह के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इसी गिरोह ने फोटो व वीडियो बनाकर युवक को ब्लैकमेल किया था, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली थी। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने व आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
यह था मामला
विष्णुपरी के रहने वाले युवक ने नौ अक्तूबर 2025 को फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने परिवार को तोड़कर रख दिया था। बाद में जब बेटे का मोबाइल देखा तो उन्हें ब्लैकमेलिंग की जानकारी हुई। इसके बाद 28 अक्तूबर को प्रकरण में कोतवाली हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पिता ने पुलिस को जानकारी दी थी कि घटना से एक दिन पहले ब्लैकमेल करने वालों का फोन आया था तथा बेटे पर कर्ज होने की बात कही थी। जब बेटे से पूछा तो उसने इस मामले को फर्जी बताया था। जब तक वे कुछ समझ पाते, तब तक देर हो चुकी थी। शातिरों ने अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए थे और कई दिनों से ब्लैकमेल कर रहे थे। अपने खातों में रुपये भी डलवा लिए थे।
बैंक खातों व सर्विलांस से हाथ आए शातिर
तभी से प्रकरण में पुलिस टीमें लगी हुई थीं। खातों व अन्य टेक्निकल इंटेलीजेंस की मदद से पुलिस शातिरों तक पहुंच गई और 24 जनवरी को ब्लैकमेल कर ऑनलाइन ठगी करने वालों को कैंटोनमेंट हॉस्पिटल, छावड़ी, छत्रपति संभाजी नगर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रोहन बिहारीलाल सोनवणे निवासी पदमपुरा, सोनारवाली, थाना वेदांत नगर तथा करन राजेंद्र चिंदालिया निवासी प्रज्ञानगर लक्ष्मी काॅलोनी मिलिन कॉलेज रोड, छावड़ी को पकड़ा है।
डलवा लिए थे 40 हजार रुपये
करन राजेंद्र ने बताया कि वह अपने दोस्त रोहन के साथ व्हाटसएप के जरिए ठगी करता है। ऑनलाइन नंबर जनरेट कर कॉल करते हैं तथा लड़की की आवाज निकालकर लोगों को फंसाते हैं। इसके बाद अश्लील फोटो व वीडियो बनवाकर ब्लैकमेल करते हैं। युवक से इन्हीं दोनों ने चार बार में 40 हजार रुपये डलवा लिए थे और रकम की मांग कर रहे थे।
