अलीगढ़ में अकराबाद के एक सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 20.82 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मूल रूप से अकराबाद में रहने वाले सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक ने बताया कि सात जनवरी को उनके कीपैड मोबाइल पर साइबर ठगों की कॉल आई। उधर से खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि आपका खाता मनी लांड्रिंग में प्रयोग हो रहा है। आप पर अपराध दर्ज है। वारंट जारी हो गए हैं। आपके घर पुलिस आएगी। आप व्हाट्सएप नंबर दीजिए, उस पर वारंट भेजा जाएगा।
उन्होंने व्हाट्सएप नंबर न चलाने की बात कही तो कहा कि पत्नी या किसी अन्य परिजन का नंबर दे दीजिए। इस पर उन्होंने पत्नी का नंबर दे दिया। इसके बाद वीडियो कॉल आना शुरू हो गई। कॉल करने पर वे किसी को कुछ न बताने व खुद अपने स्तर से निगरानी करने की बात कही। इतना धमका व डरा दिया कि वे किसी को कुछ नहीं बता पाए। बस इसके बाद 13 जनवरी, 20 जनवरी, 21 जनवरी व 28 जनवरी में कुल चार बार में अलग-अलग खातों से 20.82 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद उन्हें खुद के साथ ठगी का अहसास हुआ। एसएचओ साइबर थाना महेश त्यागी के अनुसार मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जिन नंबरों पर रकम गई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
क्रेडिट कार्ड चालू कराने के नाम पर ठगी
अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र के व्यक्ति से क्रेडिट कार्ड चालू कराने के नाम पर 4.50 लाख रुपये ठग लिए गए। इस संबंध में साइबर थाने में रिपोर्ट कराते हुए टप्पल के गांव नूरपुर के ग्रामीण ने बताया कि चार फरवरी को सुबह 11 बजे दो अज्ञात नंबरों से कॉल आई। उधर से व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड चालू करने की बात कहकर एक एप्लीकेशन डाउनलोड करा ली। इसके बाद खाते से रुपये गायब कर दिए गए। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
