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एकेटीयू से 120 करोड़ रुपये की ठगी को बहुत ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। मास्टरमाइंड अनुराग श्रीवास्तव बड़ा नटवरलाल है। उसने पहले बैंक मैनेजर बनकर एकेटीयू प्रशासन से संपर्क किया। फिर एकेटीयू का फाइनेंस अफसर बताकर बैंक प्रशासन को झांसा दिया।
दोनों संस्थानों को फर्जी आईडी से ई मेल किया। न तो बैंक और न ही एकेटीयू प्रशासन उसके फर्जीवाड़े को जान पाए। चंद दिनों में उसने इतनी बड़ी रकम पार कर दी। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि आरोपी अनुराग श्रीवास्तव ने खुद को यूनियन बैंक का ब्रांच मैनेजर बताकर एकेटीयू के अफसरों से मुलाकात की।
इस दौरान उसने ब्रांच मैनेजर के नाम से फर्जी विजिटिंग कार्ड का भी इस्तेमाल किया। अफसरों को एफडी के बारे में जानकारी दी। अफसर एफडी के लिए राजी हो गए। 3 जून को उसने एकेटीयू का एक फर्जी अकाउंट यूनियन बैंक में खुलवाया। जिसका वह खुद संचालन कर रहा था।
उसने ubin0803448@unionbanks.co.in से एकेटीयू को ई मेल भेजा। इसके बाद एकेटीयू ने 120 करोड़ रुपये एफडी के लिए एसबीआई से यूनियन बैंक ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अनुराग ने फाइनेंस अफसर बनकर fo@aktu.ac.in आईडी से यूनियन बैंक को ईमेल कर 120 करोड़ की रकम एकेटीयू वाले अपने फर्जी खाते में ट्रांसफर करवा ली।
