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– फोटो : फाइल फोटो
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आगरा में साइबर अपराधियों ने एटीएम में रुपये निकालने पहुंचे एचआर मैनेजर को ठगने के लिए नया तरीका अपनाया। एटीएम की केबिन में कस्टमर केयर नंबर की जगह अपना मोबाइल नंबर लिख दिया था। डेबिट कार्ड फंसने पर कॉल करते ही पूरी जानकारी ली और बाद में खाते से एक लाख रुपये पार कर दिए, जबकि कार्ड मैनेजर के पास ही था।
द्वारिका कॉलोनी, शास्त्रीपुरम निवासी वैभव भारती ने बताया कि वह एक एजुकेशन ग्रुप में एचआर मैनेजर हैं। पत्नी लक्ष्मी का खाता आईसीआईसीआई बैंक की शाखा में है। रविवार शाम 7 बजे वह कारगिल स्थित शाखा में एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे। मशीन में डेबिट कार्ड लगाने पर अंदर चला गया। बाहर नहीं आया। एटीएम में गार्ड भी नहीं था। इस पर उन्होंने केबिन में ही एटीएम केयर के नाम से लिखा नंबर मिलाया। कॉल रिसीव करने वाले ने अपने को बैंक का प्रतिनिधि बताया। कहा कि परेशान मत हो। जैसा कहूं वैसा करना। डेबिट कार्ड बाहर आ जाएगा।
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दो बार कैंसल, एक बार पिन, फिर आया कार्ड बाहर
कॉल करने पर ठग ने बताया कि कार्ड लगाने वाली जगह के पास का लाल बटन दबाओ। कैंसल बटन दो बार दबाओ। फिर पिन नंबर डालो। एंटर बटन को दो बार दबाओ। ऐसा करते ही डेबिट कार्ड बाहर आ गया। कॉल पर बात करने वाले ने यह भी बताया कि कार्ड को रात 12 बजे तक के लिए ब्लॉक कर दिया गया है। इस पर वो घर आ गए। रात तकरीबन 11:53 बजे मोबाइल पर मैसेज आने लगे। यह खाते से रकम निकलने के थे। 12 बजकर 2 मिनट तक 1 लाख रुपये खाते से निकाल गए। इस पर उन्होंने कस्टमर केयर पर कॉल किया।
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सिकंदरा में वारदात, नगला पदी में निकाली रकम
जानकारी पर पता चला कि नगला पदी के एटीएम से रकम निकाली गई थी। एक दिन में 50 हजार तक निकाले जा सकते हैं। इसलिए ठग ने आधी रात का समय चुना। 9 मिनट में खाता खाली कर दिया। वैभव ने पुलिस से शिकायत की। मगर, सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने वैभव के कार्ड का क्लोन तैयार किया। पिन देखने के लिए किसी तरह से मशीन में गड़बड़ी की गई होगी। इसके बाद क्लोन कार्ड से रकम निकाली गई है क्योंकि असली कार्ड पीड़ित के पास है।
