जगदीशपुर (अमेठी)। थौरी में वर्षों से लगने वाले तीतरों के दंगल को मंगलवार को पुलिस ने बंद करा दिया। इससे दूरदराज से अपने तीतर लेकर आए लोगों को मायूस होना पड़ा।
जगदीशपुर खंड विकास क्षेत्र के थौरी में साल में दो बार देवोत्थानी एकादशी और 25 दिसंबर को तीतरों का दंगल लगता है। मंगलवार को आसपास के गांवों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों जालौन, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, सुल्तानपुर, रायबरेली, खलीलाबाद के पक्षी प्रेमी अपने तीतर लेकर दंगल में पहुंचे थे। दंगल में करीब 10 तीतरों की लड़ाई हो चुकी थी। तब तक गांव के कुछ लोगों की शिकायत व उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पहुंचे थानाध्यक्ष तनुज पाल ने दंगल को बंद करा दिया।
इससे अपने तीतर लेकर आए लोगों को मायूस होना पड़ा। इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दंगल को बंद कराया गया है। ग्रामीणों के अनुसार तीतरों के दंगल को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। वर्ष 2009 में तत्कालीन थानाध्यक्ष जगदीशपुर पंकज तिवारी ने इस दंगल को बंद करा दिया था। बाद में तत्कालीन आईजी रेंज लखनऊ अरविंद कुमार जैन के हस्तक्षेप और मौखिक सहमति के बाद दंगल फिर शुरू हुआ था।
