
जलती हुई चिताएं।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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मथुरा के वृंदावन थाना क्षेत्र के किशोरपुरा मोहल्ले में शनिवार को एक बेटी ने मां की मौत के बाद फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। देर शाम मोहल्ले के लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर मृतका के जीजा के सुपुर्द किया। मां और बेटी की चिता एक साथ जलाई गई।
किशोरपुरा मोहल्ले में स्थित धोबी वाली गली में 1947 में पाकिस्तान से आकर राज अरोड़ा अपने भाई अशोक के साथ बस गए थे। यहां राज अरोड़ा की पत्नी राजरानी को तीन बच्चे, जिनमें दो बेटी व एक बेटा हुआ। 2011 में राज अरोड़ा की मौत हो गई। इसके बाद उनके बेटे मुन्नू की मौत हो गई। वहीं, बड़ी बेटी की शादी दिल्ली में हो गई, वह ससुराल में रहने लगी। घर में विधवा राजरानी (85) व उनकी अविवाहित बेटी नीलम अरोड़ा (45) रहती थी। बेटी अपना व मां के गुजारे के लिए कपड़ों की सिलाई और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी।
नीलम अरोड़ा के जीजा विजय कुमार ने बताया कि शनिवार दोपहर 12 बजे करीब नीलम ने उन्हें फोन कर बताया कि मां की तबीयत अधिक खराब हो गई है। इसके बाद उसने फोन बंद कर लिया। इधर, इसी दौरान मां की मौत हो गई। इसके बाद नीलम ने फांसी का फंदा लगा लिया। घर में कोई हलचल न होने पर मोहल्ले के लोगों ने संदिग्धता जाहिर करते हुए आवाज लगाई। अंदर से कोई प्रतिक्रिया न आने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर घर में घुसी तो एक और मां का शव पड़ा था और दूसरी ओर बेटी का शव फंदे पर लटका था।
विजय कुमार के अनुसार पुलिस द्वारा दी गई सूचना पर वह वृंदावन आए। नीलम के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इंस्पेक्टर आनंद शाही ने बताया गया कि राजरानी अरोड़ा की शनिवार को मृत्यु हो गई। इसके बाद नीलम अकेली रह गई। शायद इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली है।
