अर्जुन सिंह की दो बेटियां पूजा और रीना घर में ही मौजूद थीं जबकि दो बेटी नीलम और यासमीन जम्मू से ही शवों के साथ आई थीं। घर आने के बाद बेटियों ने माता-पिता सहित अन्य के चेहरे दिखाने के लिए जिद की। जैसे ही चेहरे खोले गए पूजा और रीना बेसुध हो गईं।
जिन अपनों को वैष्णो माता के दर्शन के लिए हंसी-खुशी विदा किया था, शनिवार को जब वे ताबूत में बंद आए तो परिजन के साथ पूरे कुम्हारपाड़ा में लोग गमगीन हो गए। मां-पिता सहित चार लोगों के शव देखकर बेटियां बेहोश हो गईं। बेटे का बुरा हाल हो गया। चीत्कार मची तो हर कोई रो पड़ा। जम्मू में भूस्खलन में मृत जूता कारीगर अर्जुन सिंह, उनकी पत्नी सुनीता, पौत्री 11 महीने की सेजल और बेटे की साली 12 साल की भावना के शव शनिवार शाम को घर लाए गए।
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परिजनों का फट पड़ा कलेजा।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रकाबगंज थाने के समीप स्थित कुम्हारपाड़ा के अर्जुन सिंह 24 अगस्त को बेटे दीपक की बेटियों 3 साल की एंजेल और 11 महीने की सेजल का मुंडन करने के लिए वैष्णो माता के मंदिर गए थे।उनके साथ में बेटे दीपक, पत्नी सुनीता, पुत्रवधू मोना के अलावा बेटी यासमीन, दामाद मोहित कुमार, बेटे की साली 12 वर्षीय भावना भी थीं।
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ताबूत में पहुंचे शव।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
26 अगस्त को भूस्खलन होने की वजह से पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया। बेटा दीपक लघुशंका के लिए गया था, इसलिए जान बच गई। वहीं अर्जुन सिंह, सुनीता, सेजल और भावना की मृत्यु हो गई।
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लोगों की जुटी भीड़।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अर्जुन सिंह का शव शुक्रवार शाम को मिल सका था। वहीं उनकी पुत्रवधू मोना का पैर कट गया था। उनका इलाज चल रहा है। शनिवार को चारों मृतकों के शव आगरा लाए गए। श्राइन बोर्ड ने दो गाड़ियों से शवों को ताबूत में बंद कर भेजा था। अंतिम दर्शन के लिए पहले ही परिजन और मोहल्ले के लोग जुट गए थे।
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वैष्णो देवी हादसा।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अर्जुन सिंह की दो बेटियां पूजा और रीना घर में ही मौजूद थीं जबकि दो बेटी नीलम और यासमीन जम्मू से ही शवों के साथ आई थीं। घर आने के बाद बेटियों ने माता-पिता सहित अन्य के चेहरे दिखाने के लिए जिद की। जैसे ही चेहरे खोले गए पूजा और रीना बेसुध हो गईं।