Death of mother and son, angry family members, commotion

सलोन कोतवाली क्षेत्र के पूरे बोधी मजरे इच्छनगोढा गांव में मां-बेटे की मौत के बाद जानकारी लेती प
– फोटो : संवाद

सलोन (रायबरेली)। मां और बेटे की मौत पर मंगलवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने शवों का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। आरोप लगाया कि मां-बेटे को जहर देकर मार डाला गया है। पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी है। इसे लेकर परिजनों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। लोगों के एक घंटे विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। पति व ससुर को हिरासत में लिया गया है।

सलोन कोतवाली क्षेत्र के पूरे बोधी मजरे इच्छनगोढा गांव की रहने वाली रीना (35) पत्नी धर्मेंद्र और उसके बेटे रितिक (8) की सोमवार सुबह मौत हो गई। थोड़ी देर बाद छोटी बेटी रियांशी (4) की भी हालत बिगड़ी तो मायके पक्ष के लोगों ने उसे एम्स में भर्ती कराया। मायके पक्ष के दबाव पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम होने के बाद मां-बेटे के शव गांव पहुंचे तो मायके पक्ष के लोगों ने शवों का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।

क्षेत्र के तरकोलवा गांव की रहने वाली एवं मृतका की भाभी अनीता पत्नी आशीष ने आरोप लगाया कि उसकी ननद और भांजे को जहर देकर ससुराल पक्ष के लोगों ने मार डाला है, जबकि छोटी बेटी का इलाज एम्स में चल रहा है। उसने बताया कि सोमवार सुबह उसकी ननद रीना ने फोन पर बताया कि सास-ससुर और पति उसे जहर देने की बात कह रहे है। उसे यहां से आकर ले जाओ। उसके और उसके बच्चों की जान खतरे में है। कुछ देर बाद ही ननद, भांजे की मौत हो गई।

रीना की शादी 2011 में हुई थी। मायके पक्ष और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मायके पक्ष के लोग केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में मायके पक्ष का दबाव पड़ने पर पुलिस ने मृतका के भाई आशीष की तहरीर पर पति धर्मेंद्र, ससुर शिव बहादुर, जेठ रबिंद्र, जेठानी, ननद अनीता, देवर जितेंद्र और सास समेत सात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर लिया।

कोतवाली प्रभारी जितेंद प्रताप सिंह का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कराई जा रही है। पति व ससुर को हिरासत में लेकर प्रकरण के बारे में पूछताछ की जा रही है।

मौत का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित : सीओ

सीओ सलोन वंदना सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मां-बेटे की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित किया गया है। विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा। प्रकरण में हत्या का केस दर्ज करा दिया गया है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। एम्स में भर्ती बच्ची को भी देखा गया है। वह अब स्वस्थ है।



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