Youth playing with law while playing on mobile in Gorakhpur

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : istock

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खेल-खेल में तकनीक का गलत इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो बनाकर नए उम्र के युवा व किशोर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट मानते हैं कि जिले में अब तक जितने भी मामले सामने आए हैं, उसमें खेल-खेल में वीडियो बनाकर शेयर किया जाता है और फिर यह वायरल हो जाता है।

पकड़े जाने पर युवा- किशोर गलती मानते हैं, मां-बाप उम्र और करिअर की दुहाई देकर सिफारिश करते हैं। कई मामलों में शिकायत करने वाले पीछे हट जाते हैं तो कई मामलों में केस दर्ज होने की वजह से पुलिस को कार्रवाई करनी ही होती है। इसे रोकने के लिए पाबंदी तो बहुत लगाई गई है, लेकिन आज भी पांच तरह के एप गोरखपुर में इस्तेमाल हो रहे हैं, जिससे घटनाएं सामने आ रही हैं।

इससे बचने का एक मात्र तरीका है कि अगर बच्चा इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल करता है तो उसकी गतिविधियों पर ध्यान दें। वरना केस में फंसा तो करिअर चौपट होता तय है।

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ताजा मामला शाहपुर थाने में सामने आया है। एक शिक्षिका का अश्लील वीडियो बनाकर वायरल किया गया था। साइबर एक्सपर्ट ने जांच की तो पता चला कि उसी स्कूल के नौवीं के छात्र ने ऐसी हरकत की है। पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस तरह के मामले तेजी से बढ़े हैं।

साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह बताते हैं कि इस एप का गलत इस्तेमाल छात्र कर रहे हैं। कई जगहों से मामले सामने आए हैं, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई भी की है। पकड़े जाने पर वह गलती से होना बताते हैं, लेकिन इस एप की जरूरत के बारे में पूछने पर खामोश हो जाते हैं। इससे बचने के लिए मां-बाप को जागरूक होने की जरूरत है।

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