एटीएस को शक है कि डॉ. आरिफ भी किसी रूप में इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियों ने उनका लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिनसे संदिग्ध डेटा मिलने की जानकारी मिली है। फिलहाल उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है, जहां दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़े आरोपियों के साथ आमने-सामने पूछताछ होगी।
उधर, कानपुर में एटीएस और एनआईए की टीमें लगातार छानबीन में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार, डॉ. शाहीन से जुड़े नेटवर्क की कड़ियाँ तलाशी जा रही हैं। डॉ. आरिफ इस साल ही अनंतनाग से डीएम (कार्डियोलॉजी) की पढ़ाई के लिए आए थे। कॉलेज प्रशासन और उनके सहकर्मियों के मुताबिक, वह शांत और पढ़ाई में रुचि रखने वाले छात्र थे, जो अपने काम से काम रखते थे।
हालांकि एटीएस की कार्रवाई के बाद हैलट कैंपस और मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है। एजेंसियों ने कई डॉक्टरों से पूछताछ की है, जिनमें कुछ को बाद में छोड़ दिया गया। फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब मेडिकल नेटवर्क पर भी टिकी हुई है।
