रसूलाबाद। दिल्ली में हुई साइबर ठगी के तार रसूलाबाद से जुड़े होने पर दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को भावनपुर व सलेमपुर मेहरा में छापा मार कर तीन साइबर ठगों को पकड़ा है। पुलिस ने ठगों के पास से प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड, एटीएम कार्ड सहित ठगी में प्रयोग किया गया सामान बरामद किया है।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल टीम के एसआई सुनील कुमार ने नेतृत्व में एक टीम ने गुरुवार को रसूलाबाद थाना क्षेत्र के भावनपुर में छापा मारकर हिमांशु उर्फ अनिल को उसके घर से पकड़। इसके बाद टीम ने सलेमपुर मेहरा में छापा मार कर आदिल व इमरान को हिरासत में लिया। टीम ने तीनों युवकों के पास से कई प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, कार्ड स्वाइप मशीन, फिंगरप्रिंट स्कैनर, मोहर सहित अन्य सामान बरामद किया। टीम तीनों आरोपियों को अपने साथ दिल्ली ले गई है। रसूलाबाद थानाध्यक्ष सतीश सिंह ने बताया कि दिल्ली में दर्ज साइबर ठगी के मामले में पुलिस को तीनों तीनों युवकों की संदिग्धता मिली थी। इसपर वहां की टीम ने छापामारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास ठगी के जुड़े कुछ सामान भी बरामद हुए हैं। टीम गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली ले गई है।

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बंगाल के साइबर ठगों को बचाने के लिए देते थे म्यूल एकाउंट

रसूलाबाद थानाध्यक्ष सतीश सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह साइबर ठगों को ठगी करने के लिए प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड देते थे। साथ ही बंगाल में बैठे साइबर ठगों को ठगी की धनराशि को ठिकाने लगाने के लिए म्यूल डमी एकाउंट भी मुहैया करवाते थे। वह लोग सिम कार्ड खोलने के साथ ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिनको इंटरनेट व बैंकिंग की जानकारी नहीं होती। बुजुर्ग व अनपढ़ लोगों को सिमकार्ड उपलब्ध करवाने के दौरान ही वह लोग उनके दस्तावेजों से म्यूल एकाउंट भी बना लेते थे या फिर इन लोगों को कुछ रुपयों का लालच देकर उनका खाता प्रयोग करने के लिए लेकर ठगों को दे देते थे।

सीओ साइबर क्राइम संजय वर्मा ने बताया कि साइबर ठगी करने के दौरान ठग स्वयं को बचाने के लिए फर्जी सिमकार्ड का प्रयोग करता है। जबकि रुपये को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी बैंक खातों का प्रयोग करते हैं। क्योंकि स्वयं के सिमकार्ड या बैंक खाता प्रयोग करने से केवाईसी के जरिए पुलिस उनके पास तक आसानी से पहुंच सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति को अपना खाता प्रयोग करने को न दें और न ही किसी राह चलते व्यक्ति से नया सिम कार्ड खरीदें। नहीं तो ठग आपके पपत्रों से फर्जी सिम व बैंक खाता बनाकर ठगी को अंजाम दे सकता है।



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