आगरा। फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव और बाह तहसील के रीठे गांव के बीच बांध बनाने की योजना है। रुड़की विश्वविद्यालय या किसी अन्य एजेंसी से सर्वे कर कार्ययोजना तैयार कराने की मांग सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा ने उठाई है।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष मंजू भदाैरिया से मुलाकात की थी। इस दाैरान सिंचाई विभाग के अधिकारी भी माैजूद रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि रेहावली गांव में उटंगन नदी पर बांध बनाने के लिए चार साल से मुद्दा उठाया हुआ है। मगर आगरा कैनाल का सिंचाई विभाग पूरी तरह से उदासीन है। अधिशासी अभियंता बहुपयोगी रेहावली बांध योजना के संबंध में भ्रामक व अपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।
सचिव अनिल शर्मा, राजीव सक्सेना और असलम सलीमी ने कहा कि अधिशासी अभियंता रेहावली में बांध योजना का कार्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की की टीम की मदद से सर्वे कराकर करें। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि रेहावली बांध योजना की परिकल्पना क्रियान्वित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे।
– राजस्थान से निकल रही उटंगन
उटंगन नदी जयपुर की बैराठ पहाड़ियों से निकलती है। विंध्य पहाड़ी शृंखला की करौली जनपद तक विस्तृत निचली पहाड़ियों से निकलने वाली जलधाराओं को समेटते हुए 288 किमी लंबे बहाव वाली इंटरस्टेट नदी है। यह फतेहपुर सीकरी विकास खंड के सिरौली गांव से आगरा में प्रवेश कर लगभग 80 किमी दूरी तय कर रेहावली गांव में यमुना नदी में मिल जाती है। यमुना नदी में गिरने से पूर्व जगनेर की 37 बंधियों, किबाड़ नदी, खारी नदी, वेस्टर्न डिप्रेशन ड्रेन, पार्वती नदी और आगरा कैनाल के टर्मिनल रजवाहा का डिस्चार्ज इसमें समाता है।
