संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 21 Aug 2024 11:42 PM IST

कासगंज। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी आरक्षण पर सुनाए गए फैसले के विरोध में प्रस्तावित भारत बंद का असर जिले में देखने को नहीं मिला। हालांकि बसपा, सपा सहित अन्य कई संगठनों ने जिले में प्रदर्शन किया। सपा सांसद देवेश शाक्य भी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कलेक्ट्रेट के समक्ष करीब एक घंटे तक जाम भी लगाया। इससे सड़क के दोनों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद विभिन्न संगठनों ने आदेश के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। बसपा, सपा, आजाद समाज पार्टी, भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. भीमराव आंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति, डॉ. भीमराव आंबेडकर विचार मंच, अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन, दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया आदि संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बुधवार की सुबह भारत बंद के आह्वान पर सोरों गेट स्थित आंबेडकर पार्क पर एकत्रित हो गए। यहां सपा सांसद देवेश शाक्य व सपा जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह यादव भी आए। उन्होंने सभी उपस्थित एकत्रित पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों के हाथों में आरक्षण पर करोगे तंग तो मिलजुल कर लड़ेंगे हम जंग, आरक्षण खत्म करना नहीं आसान हम होंगे इस पर कुर्बान, आरक्षण हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, सुप्रीम कोर्ट का आरक्षण में उप वर्गीकरण का आदेश मंजूर नहीं, आदि के नारे लिखी तख्तियां लगी हुई थीं। प्रदर्शनकारी यह सड़क की झांकी है, संसद अभी बाकी है, भारत में आरक्षण कब तक जातिवाद है तब तक आदि के नारे भी लगा रहे थे। यहां से करीब 11:20 बजे सभी एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हो गए। यहां पहुंचकर सभी प्रदर्शनकारियों ने सड़क के दोनों ओर जमा लगा दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद सभी संगठनों ने एक-एक करके राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मेधा रूपम को दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
