– बिजौली में नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों पर क्षेत्रवासियों ने फेंके पत्थर, ड्राइवरों को पीटा, घायल
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजौली के सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में डंप किए जा रहे कूड़े के विरोध में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। दोपहर 12 बजे जहां आयुक्त कार्यालय में लोगों ने प्रदर्शन किया। वहीं, शाम को प्लांट पर धावा बोलकर कूड़ा डालने जा रही गाड़ियों पर पथराव कर दिया। ड्राइवरों को पीटा। उनको गाड़ियां छोड़कर भागना पड़ा। घायल ड्राइवरों ने प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
दो दिन पहले नगर निगम में प्रदर्शन करने के बाद शुक्रवार को बिजौली के क्षेत्रवासी मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। इसमें काफी संख्या में महिलाएं थीं। महिलाओं ने डंपिंग यार्ड बनाने के विरोध में नारेबाजी की। कहा कि प्लांट में लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। मेयर के आश्वासन के बाद भी कूड़ा डालने का कार्य रुका नहीं है।
मेडिकल वेस्ट भी बड़े पैमाने पर डंप किया जा रहा है। इससे पूरे इलाके में संक्रामक रोग फैलता जा रहा है। घनी आबादी के बीच बने प्लांट में कूड़ा डालने से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का रहना दुश्वार हो गया है। घर में भोजन करते समय मक्खियां भिनभनाने लगती हैं। पानी में भी मक्खी गिर जाती है। इससे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। सांस लेना तक दूभर हो गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, सपा के पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव के साथ क्षेत्रवासियों ने आयुक्त बिमल कुमार दुबे से मुलाकात कर समस्या के जल्द समाधान की मांग की। इस दौरान पार्षद रिंकू वंशकार, अरविंद बबलू, यूथुप जैन, जितेंद्र पाठक, रामकुमार राजपूत, देवेंद्र तिवारी, उधम सिंह यादव, अमित अहिरवार आदि रहे।
शाम करीब छह बजे नगर निगम की गाड़ियां प्लांट में कूड़ा डंप करने के लिए जा रही थीं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि 30 से अधिक गाड़ियों को दूसरे मार्ग से प्लांट ले जाया जा रहा था। क्षेत्रवासियों को इसकी जानकारी हुई तो एकत्र हो गए और गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव करने वालों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी शामिल थे। पत्थर लगने से कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। यही नहीं, ड्राइवरों के साथ मारपीट भी की गई। इसमें चार-पांच ड्राइवर घायल हो गए। ड्राइवर गाड़ियां छोड़कर जान बचाकर भागे। प्रेमनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।
बोले नेता
शासन-प्रशासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाकर घनी आबादी के बीच कूड़ा डंप किया जा रहा है। यह निगम के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का उदाहरण है। कहा कि किसी भी हाल में कूड़ा डंप नहीं होने दिया जाएगा। न ही कूड़ा डालने आने वाली गाड़ियों को क्षेत्र में प्रवेश करने दिया जाएगा। – प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री
किसी भी हाल में बिजौली क्षेत्र की जनता की जान से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। मुलाकात में कमिश्नर ने भी आश्वासन दिया है। पूर्ण विश्वास है कि आयुक्त कोई सकारात्मक कदम उठाएंगे। इसके बाद भी समस्या हल नहीं हुई तो समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। – डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
जनता का दर्द
प्लांट में दिन-रात कचरा डालने के लिए गाड़ियां आती रहती हैं। दुर्गंध से खाना बनाने, खाने में परेशानी होती है। पास में ही स्कूल है। दुर्गंध के चलते वहां पढ़ने के लिए भी बच्चे नहीं जा रहे हैं। बहुत बुरा हाल है। जल्द व्यवस्था सुधरनी चाहिए। – पुक्खन, बिजौली
बस स्टैंड बनाने के नाम पर कचरा घर बना दिया गया है। अगर कचरा घर की जरूरत थी तो आबादी के बीच में नहीं बनाना चाहिए। आज यहां पर रहना मुश्किल हो गया है। चारों तरफ तेज दुर्गंध फैली रहती है। सांस लेना तक दूभर है। – सूची दुबे, बिजौली
