अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर में होने वाले विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप सामने आए हैं। यह आरोप विपक्षी पार्षदों ने लगाए हैं। उनका कहना है नगर निगम प्रशासन विपक्षी पार्षदों के वार्डों में काम नहीं करा रहा है।
पिछले दो माह के दौरान कुल 83 कार्यों को मंजूरी दी गई। इसमें 66 काम भाजपा पार्षदों के वार्ड के हैं जबकि सिर्फ 17 काम विपक्षी खेमे के पार्षदों के मंजूर हुए। पिछले एक साल से विपक्षी पार्षदों की उपेक्षा की जा रही है। अब विपक्षी पार्षद इसे मुद्दा बनाने जा रहे हैं। कुछ दिनों बाद होने वाली सदन बैठक में विपक्षी खेमा इस मुद्दे पर आक्रामक रवैया अपनाने की तैयारी में हैं।
अपने वार्ड में विकास कार्य कराने को लेकर पार्षदों में खींचतान मची है। विपक्षी खेमे का आरोप है संख्या बल में अधिक होने से सिर्फ भाजपा पार्षदों के वार्ड में काम कराने में नगर निगम का पैसा खर्च हो रहा है। अन्य कई वार्डों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे बल्कि इनके साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।
विपक्षी खेमे के पार्षद उमेश जोशी का कहना है कि जुलाई में 25 काम के टेंडर निकाले गए। इनमें 20 काम भाजपा पार्षदों के यहां के थे जबकि सिर्फ पांच काम ही विपक्षी पार्षदों के वार्ड के थे।
अगस्त में 58 कार्य टेंडर प्रक्रिया तक पहुंचे। इसमें भी 46 काम भाजपा पार्षदों के मंजूर हुए जबकि सिर्फ 12 काम विपक्षी पार्षदों के खेमे को मिले। इनमें बीएसपी को तीन, कांग्रेस को चार, निर्दलीय तीन एवं आप पार्षद के वार्ड में सिर्फ एक काम कराए जाना मंजूर हुआ। इस भेदभाव से विपक्षी पार्षद नाराज हैं। पार्षद उमेश जोशी का कहना है कि नगर निगम सदन में विरोध किया जाएगा।
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महानगर के विकास में कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। सभी पार्षदों के यहां बराबर से काम कराए जा रहे हैं। हर साल सभी वार्ड में निश्चित रकम से काम कराया जा रहा है। सभी पार्षदों से इस संबंध में बात की जाएगी। – बिहारी लाल आर्य, महापौर
