
गंगा दशहरा पर शरबत वितरण
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मां गंगा के अवतरण दिवस यानी गंगा दशहरा का पर्व 16 जून को पूरे धार्मिक उल्लास, श्रद्धाभाव एवं पारंपरिक तरीके से मनाया गया । सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नरौरा, राजघाट, सांकरा आदि गंगा तटों पर पहुंचकर पवित्र गंगाजल में आस्था की डुबकी लगायी और पूजा-अर्चना करने के बाद दान- पुण्य कर धार्मिक लाभ कमाया ।
शहर भर में भी श्रद्धालुओं ने हवन- यज्ञ के बाद मीठे शर्बत का वितरण एवं भंडारे- प्रसाद का वितरण किया । जबकि शाम के समय परंपरा के अनुसार पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं हुई । गंगा दशहरा को लेकर श्रद्धालु 15 जून रात में ही गंगा तटों पर रवाना हो गए। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान के साथ ही दान पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। गंगा दशहरा पर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही । इसके चलते लोगों को आवागमन में बेहद दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा और बिना परमिट चलने वाले अवैध वाहनों से जोखिम भरा सफर तय करना पड़ा ।
शहर के रामघाट रोड, पीएसी, क्वार्सी चौराहा, किशनपुर तिराहा, सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड,रेलवे रोड, अतरौली अड्डा, रेलवे स्टेशन, मीनाक्षी पुल के पास, अचलताल, दुबे का पड़ाव, सब्जी मंडी, एटा चुंगी, धनीपुर मंडी, मदारगेट, हाथरस अड्डा, सासनीगेट, बारहद्वारी, महावीरगंज, बड़ा बाजार आदि स्थानों पर श्रद्धालुओं ने शीतल जल की प्याऊ, मीठा शर्बत, हलवा-पूरी, खीर आदि का प्रसाद बांटा । मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई।